अब कटेगा प्याज तो रोयेंगे सिर्फ कांग्रेसी नेता
पं. अनुज के शुक्ल] बाजारों में प्याज के दाम 80 से 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। जितने आंसू यह जनता को रुला रहा है, उससे कहीं ज्यादा यह अब कांग्रेसी नेताओं को रुलाने वाला है। यह हम नहीं बल्कि ज्योतिष विद्या कह रही है। गरीबों की सूखी रोटियों की सब्जी और मध्यम वर्ग का मन पसन्द सलाद प्याज आज-कल सुर्खियों में बना हुआ है। प्याज में केलिसिन और रायबोफ्लेबनि (विटामिन बी) पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसकी गंध 'एन-प्रोपाइल-डाय सल्फाइड' के कारण आती है। यह पदार्थ पानी में घुलनशील अमीनों अम्लों पर इन्जाइम की क्रिया के कारण बनाता है। यही कारण है कि प्याज काटने पर आंखों से आंसू बहते हैं। लेकिन राजनीतिक गलियारे में अब बिना इसे काटे ही आंसुओं की धाराएं बहेंगी। प्याज के बढ़ते मूल्यों से भोजन का स्वाद तो फीका पड़ ही है। लेकिन जैसे-2 प्याज के दामों में वृद्धि हो रही वैसे-वैसे सरकार के माथे पर भविष्य के भय का पसीना छूट रहा है। प्याज सिर्फ भोजन का स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि यह एक महत्वपूर्ण औषधि भी है। औषधि का कारक सूर्य है और सूर्य राजनीति का प्रतिनिधित्व करने वाला प्रमुख ग्रह है। इसलिए प्याज और राजनीति का पुराना व गहरा सम्बन्ध है।

