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जानिए कैसे होती है सरकार की कमाई और कौन-कौन से होते हैं इसके खर्च

Posted by Unknown | Friday, June 6, 2014 | Posted in

जुलाई में मोदी सरकार देश का बजट पेश करने वाली है। देश की जनता को मोदी से उम्मीद है कि उन्होंने जिस तरह से गुजरात की सूरत बदल दी, वैसे ही अब पूरे देश की सूरत भी बदल देंगे। ऐसे में सबकी निगाहें जुलाई में पेश होने वाले इस बजट पर टिकी हैं। आज के इस पैकेज में हम आपको बताने जा रहे हैं सरकार के खर्चों और उसकी इनकम के बारे में।

सरकार का कमाई दो तरीकों से होती है- टैक्स और नॉन टैक्स। कोई सरकार टैक्स लगा कर जो रिवेन्यू हासिल करती है, उसे टैक्स रिवेन्यू कहा जाता है। सरकार विभिन्न प्रकार के टैक्स लगाती है, ताकि वह योजनागत और गैरयोजनागत व्यय के लिए धन एकत्र कर सके।

नॉन टैक्स रिवेन्यू वह राशि है, जो सरकार टैक्स के अतिरिक्त अन्य साधनों से एकत्र करती है। इसमें सरकारी कंपनियों के विनिवेश से मिली राशि, सरकारी कंपनियों से मिले लाभांश और सरकार द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न आर्थिक सेवाओं के बदले मिली राशि शामिल होती है।

वैश्विक बाजार में कमजोर रुख से सेंसेक्स गिरा

Posted by Anonymous | Wednesday, May 21, 2014 | Posted in


मुंबई: वैश्विक बाजार में कमजोर रुख के बीच कारोबारियों एवं निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली किए जाने से बंबई शेयर बाजार का सूचकांक आज के शुरुआती कारोबार में करीब 47 अंक कमजोर हो गया।

बंबई शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक बीएससी-30 में पिछले चार सत्रों के दौरान 562 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जो आज के शुरुआती कारोबार में 46.88 अंक अथवा 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 24,330.00 अंक पर आ गया।

इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 12.80 अंक अथवा 0.18 फीसदी की गिरावट के साथ 7,262.70 अंक पर आ गया।

बाजार विश्लेषकों ने बताया कि वैश्विक बाजार में कमजोर रुख के बीच कारोबारियों एवं निवेशकों की ओर से तेल एवं गैस, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, बैकिंग क्षेत्रों के शेयरों की मुनाफावसूली किए जाने से सूचकांक में गिरावट आई।

आरबीआई ने नहीं बदलीं ब्याज दरें, आपकी EMI पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा

Posted by Anonymous | Tuesday, April 1, 2014 | Posted in

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज बाजार को चौंकाने वाला कोई कदम नहीं उठाया और खुदरा मुद्रास्फीति के उच्चस्तर पर बने रहने के कारण उन्होंने उम्मीद के अनुरूप बैंक की अल्पकालिक रिण दर रेपो में कोई बदलाव नहीं किया. हालांकि, बैंकिंग तंत्र में नकदी प्रवाह बढ़ाने और मुद्रा बाजार में उतार चढाव को नियंत्रित करने के लिये कई कदम उठाये हैं.रिजर्व बैंक ने अब हर दो महीने में मौद्रिक नीति की समीक्षा का सिलसिला शुरू किया है. राजन ने आज पहली द्वैमासिक मौद्रिक नीति जारी की गई. इसमें अल्पकालिक नीतिगत दर यानी रेपो को 8 प्रतिशत पर और बैंकों का नकद आरक्षित अनुपात 4 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है.


लेकिन केन्द्रीय बैंक ने काल मनी दर को घटाकर 0.25 प्रतिशत कर दिया है जबकि 7 दिन और 14 दिन की रेपो सीमा को 0.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया है.

गवर्नर रघुराम राजन ने कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति में नीतिगत दरों को यथावत रखना उचित होगा. सितंबर 2013 और जनवरी 2014 में दरों में की गई वृद्धि को अर्थव्यवस्था में अपना काम करने दिया जाना चाहिये.’’ राजन ने इससे पहले मौद्रिक समीक्षा में दरों को बढ़ाकर बाजार को चौंका दिया था.

राजन ने वादा किया है कि यदि मुद्रास्फीति जनवरी 2015 तक 8 प्रतिशत के दायरे में रहती है और उसके बाद एक साल में 6 प्रतिशत नीतिग ब्याज दर वृद्धि नहीं की जायेगी.

अर्थतंत्र में नकदी प्रवाह बढाने की पहल के बारे में राजन ने कहा कि इसका प्राथमिक उद्देश्य नीतिगत चाल के प्रभाव को ब्याज की हर परत तक प्रेषित करना और आर्थिक तंत्र में नकदी स्थिति को सुधारना भी है.

उन्होंने कहा, ‘‘ सावधि रेपो व्यवस्था बाजार में नकदी की स्थिति का एक उपयोगी संकेतक बनकर उभरी है. इससे बाजार भागीदारों को नकदी को लंबी अवधि तक अपने पास बनाए रखने में मदद मिली है. इससे विभिन्न वित्तीय उत्पादों के मूल्य निर्धारण के लिये बाजार आधारित मानक विकासित हो रहे हैं. ’’ मुद्रास्फीति के मुद्दे पर गवर्नर ने कहा कि उन्हें लगता है कि 2014 में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 6 प्रतिशत के नीचे आ जायेगी. उन्होंने कहा, ‘‘खाद्य और ईंधन को छोड़कर ... खुदरा मुद्रास्फीति 8 प्रतिशत के आसपास डटी हुई है. इससे यह पता चलता है कि अभी भी मांग का कुछ दबाव बना हुआ है.’’ रिजर्व बैंक ने नये वित्त वर्ष 2014-15 के सकल घरेलू उत्पाद :जीडीपी: वृद्धि को केन्द्र सरकार के अनुमान के अनुरूप 5.5 पर बरकरार रखा है.

बैंक ने कहा है कि 2013-14 के दौरान चालू खाते का घाटा जीडीपी के 2 प्रतिशत के आसपास रहेगा.

राजन ने कहा कि विदेशों में मांग कमजोर पड़ने से निर्यात वृद्धि पर असर पड़ा है जबकि कुछ असर पेट्रोलियम उत्पादों और रत्न एवं आभूषणों के निर्यात मूल्य में नरमी की वजह से है.

राजन ने कहा, ‘‘यह देखने की बात है कि वैश्विक वृद्धि में सुधार आने के बावजूद क्या निर्यात क्षेत्र की सुस्ती गहराती है.’’ रपट के अनुसार फरवरी में पोर्टफोलियो प्रवाह :विदेशी संस्थाग निवेशकों की ओर से निवेश: में तेजी रही. ‘‘अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा अपनी उदार मौद्रिक नीति में बदलाव के असर की धारणा ने भी काम किया.’’ बाजार में नकदी की स्थिति के बारे में राजन ने कहा कि केन्द्रीय बैंक लगातार इसकी निगरानी करता रहेगा. इस बात का ध्यान रखा जायेगा कि उत्पादक क्षेत्रों के लिये नकदी की तंगी नहीं हो.

उन्होंने कहा, ‘‘मार्च में नकदी की कुछ तंगी हुई, इसकी वजह वष्रांत बैंकों द्वारा हिसाब किताब का निपटान रहा. हालांकि, रिजर्व बैंक की तरफ से अतिरिक्त नकदी डालने से तंगी कुछ हल्की हुई.’’ बैंक बॉफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक राजन धवन ने कहा कि कोई अगला नीतिगत कदम उठाने से पहले रिजर्व बैंक नये आंकड़ों की प्रतीक्षा करेगा.

भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक पी. प्रदीप कुमार ने भी कहा कि केन्द्रीय बैंक की अगली नीति आंकड़ों पर आधारित होगी.

साढ़े दस प्रतिशत की दर से विकास की संभावना

Posted by Anonymous | Wednesday, March 19, 2014 | Posted in

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रियलटी, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर और व्यय प्रक्रिया में सुधारों को लागू करने तथा सेवा, मनोरंजन, सूचना, संचार तथा अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों पर जोर देने से भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को साढ़े दस प्रतिशत सालाना तक पहुंचाया जा सकता है।

संयुक्‍त राष्ट्र के एक अध्ययन में भारत की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा गया है कि देश में रोजगार योग्य लोगों का एक बहुत बड़ा समूह मौजूद है, जो अर्थव्यवस्था को गति देने में सक्षम है। इसके अलावा आर्थिक सुधारों के नीतिगत निर्णयों को संतोषजनक तरीके से लागू नहीं किया गया है। पिछले कई वषरें में नीतिगत निर्णय नहीं लिए गए हैं और पुराने निर्णयों को भी भली भांति लागू नहीं किया गया है।

वर्ष 2008 से पहले अनुकूल वैश्विक स्थिति और घारेलू स्तर पर नरम मौद्रिक नीति तथा वित्तीय समावेशन के कदमों के कारण अर्थव्यवस्था ने उच्च आर्थिक विकास दर हासिल की है। इस अवधि में जीडीपी की वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत हो गयी। प्रति व्यकित जीडीपी भी 6.5 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गयी। हालांकि कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों रियलटी, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर और व्यय प्रक्रिया में सुधारों को अभी तक पूरा क्रि यान्वयन नहीं हो सका है। यह इसका सबूत है कि अर्थव्यवस्था में विकास की बहुत संभावनाएं मौजूद हैं। 

भविष्य में 36.8 प्रतिशत की घरेलू बचत दर प्राप्त करने की संभावनाएं बहुत अधिक है। इसके बाद 38 प्रतिशत की निवेश दर भी हासिल की जा सकती है। भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिन्हें अपनी भौगोलिक स्थिति का लाभ मिल रहा है। देश में रोजगार योग्य आयु 25 से 65 वर्ष के समूह का अनुपात अधिक है और यह लगातार बढ़ रहा है।

जल्द आ रही है हवा से चलने वाली कार

Posted by Anonymous | Thursday, February 27, 2014 | Posted in

लंदन। दिल थाम कर बैठें! अब तक आपने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी कसे चलने वाली कारें देखी हैं। अब आप हवा से चलने वाली कार को भी देख सकेंगे। जी हां, यह बिल्कुल सच है। फ्रांस की कार निर्माता कंपनी पियोग्योट लाने जा रही है दुनिया की पहली हवा से चलने वाली कार। यह हाइब्रिड कार अगले साल बाजार में उतरेगी।
इस कार में पहली बार हाइब्रिड एयर इंजन प्रणाली का उपयोग होगा, जो पेट्रोल को संघनित हवा से मिलाएगा। कंपनी ने कहा है कि शहरों में इस कार से पेट्रोल खर्च 80 फीसद तक घट जाएगा।
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि वायु शक्ति का उपयोग सिर्फ शहरों में चलाई जाने वाली कारों में होगा और 43 एमपीएच से कम पर यह खुद सक्रिय हो जाएगा। यह कार या तो पेट्रोल पर या हवा पर या दोनों के मिश्रण पर चल सकेगी। बयान में कहा गया कि 2020 तक यह कार प्रति गैलन पर 117 मील चल सकेगी।
इस इंजन प्रणाली में हाइब्रिड कार के चालकों को महंगी बैटरियों से भी मुक्ति मिल जाएगी। कंपनी ने कहा कि हाइब्रिड वायु प्रणाली वाली कार वर्तमान हाइब्रिड कार से सस्ती होगी। साथ ही चालकों को संघनित हवा के समाप्त हो जाने का भी डर नहीं सताएगा क्योंकि इसका इंजन स्वचालित तरीके से हवा भरता भी जाएगा।

सेबी नजर रखेगा आईपीअो फंड पर

Posted by Unknown | Wednesday, February 26, 2014 | Posted in

मुंबई। आईपीओ के जरिए जुटाई गई रकम पर नजर रखने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निगरानी एजेंसी नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है।
सेबी ने कहा है कि सभी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए आईपीअो से जुटाई गई रकम पर निगरानी की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। सेबी यह देखेगा कि आईपीअो से जुटाई गई रकम का सही तरीके से इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। इसके अलावा वह इस बारे में तिमाही रिपोर्ट भी देगा।
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सात दिन में टॉप 8 कंपनियों ने खजाने में जोड़े 25815 करोड़ रुपए

Posted by Unknown | Saturday, December 28, 2013 | Posted in

मुंबई: सेंसेक्स में शामिल 10 शीर्ष कंपनियों में आठ का बाजार पूंजीकरण पिछले सप्ताह 25,815 करोड़ रुपये बढ़ा। सर्वाधिक योगदान टीसीएस तथा ओएनजीसी जैसी कंपनियों का रहा।
 
पिछले सप्ताह शेयर बाजार में मजबूत स्थिति के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा कोल इंडिया को छोड़कर शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (एमकैप) बढ़ा। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस का एमकैप 7,717 करोड़ रुपये बढ़कर 4,22,879 करोड़ रुपये रहा और वह शीर्ष 10 कंपनियों में सबसे लाभ में रही।
 
सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण आलोच्य सप्ताह में 6,558 करोड़ रुपये बढ़कर 2,49,863 करोड़ रुपये, जबकि रोजमर्रा के उपयोग का सामान बनाने वाली एफएमसीजी कंपनी आईटीसी का एमकैप 5,524 करोड़ रुपये बढ़कर 2,55,602 करोड़ रुपये रहा।
 
वहीं आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 2,386 करोड़ रुपये बढ़कर 1,27,913 करोड़ रुपये रहा, जबकि विप्रो का एमकैप 1,592 करोड़ रुपये बढ़कर 1,36,934 करोड़ रुपये रहा। इसी प्रकार, एचडीएफसी बैंक का एमकैप 1,076 करोड़ रुपये बढ़कर 1,60,270 करोड़ रुपये रहा, जबकि इंफोसिस का बाजार पूंजीकरण 572 करोड़ रुपये बढ़कर 2,04,557 करोड़ रुपये पहुंच गया।
 
भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन 360 करोड़ रुपये बढ़कर 1,31,434 करोड़ रुपये रहा। इसके विपरीत रिलायंस इंडस्ट्रीज का एमकैप 4,831 करोड़ रुपये घटकर 2,83,929 करोड़ रुपये रहा और सीआईएल का बाजार पूंजीकरण 821 करोड़ रुपये कम होकर 1,78,721 करोड़ रुपये पहुंच गया।
 
शीर्ष 10 कंपनियों में टीसीएस पहले स्थान पर रही। उसके बाद क्रमश: रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, ओएनजीसी, इंफोसिस, कोल इंडिया, एचडीएफसी बैंक, विप्रो, भारती एयरटेल तथा आईसीआईसीआई बैंक का स्थान रहा। बंबई शेयर बाजार में सेंसेक्स पिछले सप्ताह 113.86 अंक की बढ़त के साथ 21,193.58 अंक पर बंद हुआ

4 महीनों बाद 30,000 से नीचे लुढका सोना,

Posted by Unknown | Thursday, December 26, 2013 | Posted in

चार महीने के बाद सोना 30,000 रुपये प्रति दस ग्राम के नीचे चला गया. गुरुवार को दिल्‍ली के सर्राफा बाज़ार में स्टॉकिस्टों की बिकवाली से सोना 30,000 रुपये प्रति दस ग्राम के नीचे जाकर 29,900 रुपये पर पहुंच गया.
उधर मुंबई शेयर बाजार का सेंसेक्‍स 42 अंक बढ़कर 21,074.59 पर जा पहुंचा जबकि निफ्टी में 10.50 अंकों की बढ़ोतरी हुई और यह 6,278.90 पर जा पहुंचा. बाज़ार से विदेशी निवेशक नदारद थे.
मांग की कमी के कारण सोना 275 रुपये प्रति दस ग्राम गिरा और 29,900 रुपये पर चला गया. बीते 14 अगस्त को सोना इस स्तर पर पहुंचा था. लेकिन चांदी 310 रुपये प्रति किलो बढ़ गई और 44,000 रुपये प्रति किलो पर बोली गई. औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की मांग से चांदी में यह बढ़त हुई.
मुबंई में 99.9 और 99.95 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना क्रम से 29,940 रुपए और 29,800 रुपये प्रति दस ग्राम पर बोला गया. चांदी 44.440 रुपये प्रति किलो बोली गई.
कारोबारियों ने बताया कि मांग में कमी के कारण सोने के दाम गिर गए. क्रिसमस की छुट्टियों के कारण विदेशी बाज़ार बंद हैं जिसका असर यहां भी देखा गया.


सोने की फरवरी कीमत में आई तेजी, कीमत अब भी 30 हजार से नीचे

Posted by Unknown | Wednesday, December 4, 2013 | Posted in

मजबूत वैश्विक रुख के कारण सटोरियों द्वारा अपने सौदों का आकार बढ़ाने से वायदा कारोबार में आज सोने की कीमत 0.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 29,117 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। एमसीएक्स में सोने के फरवरी 2014 डिलिवरी वाले अनुबंध की कीमत 55 रुपये की तेजी के साथ 29,117 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जिसमें 1,895 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
 
इसी प्रकार सोने की दिसंबर महीने में डिलिवरी वाले अनुबंध की कीमत भी 29 रुपये की तेजी के साथ 30,368 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जिसमें 15 लॉट के लिए कारोबार हुआ। 
 
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुख से सोना वायदा कीमतों में तेजी आई। इस बीच न्यूयार्क में कल के कारोबार में सोने की कीमत 0.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,224.30 डॉलर प्रति औंस हो गई।

सेबी ने मांगा ग्रेट ईस्टर्न एनर्जी कॉर्प के आईपीओ पर स्पष्टीकरण

Posted by Unknown | | Posted in

बाजार नियामक सेबी ने ग्रेट ईस्टर्न एनर्जी कॉर्प के मर्चेंट बैंकर से कंपनी के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीआ) के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।

सेबी ने मांगे गए स्पष्टीकरण के ब्यौरे का खुलासा किए बगैर कहा कि प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम के लिए लीड मैनेजर से स्पष्टीकरण प्रतीक्षारत है। 

बाजार नियामक ने कहा कि मांगे गए स्पष्टीकरण पर मर्चेंट बैंक की ओर से संतोषजनक जवाब मिलने की तिथि से 30 दिनों के भीतर वह कंपनी की विवरण पुस्तिका पर अवलोकन जारी कर सकता है।

11करोड के नकली नोट एक बैंक में

Posted by Anonymous | Thursday, November 28, 2013 | Posted in


उज्जैन। उ.प्र. की एक बैंक में 11 करोड के नकली नोट का मामला उजागर हुआ। बैंक में नकली नोट जाॅंचने के सभी साधन मौजूद है तो इतनी मात्रा में नकली नोट कैसे आए। यह एक सुनियोजित षडयंत्र है जिसमें बैंक प्रबंधन भी शरीफ है। नकली नोट बंगलादेश से आते है। आम आदमी नकली नोट भी पहचान आसानी से नहीं कर सकता। मशीन पर जाॅंचने से ही स्याही का अंतर नजर आता है। एटीएम में राशि रखने वाले ठेकेदारों पर भी शंका की सुई है। बैंक प्रबंधन के लोग भी इसमें शरीफ अवश्य है। प. बंगाल के रेल में नकली नोट का व्यापार खुले आम होता हैं मामले की जाॅंच सीबीआय से होना जरूरी हैं।

टाटा, बिड़ला के कोल ब्लॉक कैंसल होंगे?

Posted by rahul thakur | Tuesday, November 19, 2013 | Posted in

coal-miningटाटा संस, जिंदल स्टील ऐंड पावर, बिड़ला कॉर्प और मोनेट इस्पात ऐंड एनर्जी सहित लगभग एक दर्जन कंपनियों को कैप्टिव कोल ब्लॉक्स के डिवेलपमेंट में देरी करने के चलते उनसे हाथ धोना पड़ सकता है। कोल ब्लॉक्स के स्टेटस रिव्यू के लिए बनाए गए एक इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप ने उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की 11 माइंस के लाइसेंस वापस लिए जाने का सुझाव दिया है। इन माइंस में लगभग 4.5 अरब टन कोयले का भंडार है।

कोल मिनिस्ट्री के एक सीनियर अफसर ने कहा, 'पैनल ने प्रोग्रेस सही नहीं होने की वजह से जिंदल स्टील ऐंड पावर के तीन और मोनेट इस्पात के 2 कोल ब्लॉक्स को डीऐलोकेट करने की सिफारिश की है। जिंदल स्टील ऐंड पावर और टाटा संस को पायलट कोल टु लिक्विड प्रोजेक्ट्स (सीटीएल) के लिए 2 बड़े ब्लॉक्स ऐलोकेट किए गए थे। इनको भी डीऐलोकेट करने की सिफारिश की गई है क्योंकि इन कंपनियों ने उन ब्लॉक्स पर कोई काम नहीं किया है।'

टाटा संस लिमिटेड और दक्षिण अफ्रीका की ससोल सिनफ्यूल्स इंटरनैशनल की कंसॉर्शियम स्ट्रैटेजिक एनर्जी टेक्नॉलजी सिस्टम्स लिमिटेड को सीटीएल प्रोजेक्ट के लिए नॉर्थ अर्खापाल ब्लॉक ऐलोकेट किया गया था। जिंदल स्टील ऐंड पावर को एक ऐसे ही प्रोजेक्ट के लिए रामचंडी प्रमोशनल ब्लॉक दिया गया था। दोनों ही प्रोजेक्ट्स पर लगभग 45,000 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट होने वाला था।इंटर मिनिस्ट्रियल पैनल ने 30 ब्लॉक्स को रिव्यू करने और उनके डिवेलपमेंट में देरी की वजह को लेकर कंपनियों की सफाई सुनने के बाद अपनी सिफारिशें दी है। मिनिस्ट्री के ऑफिसर ने कहा, 'ज्यादातर कंपनियों ने प्रेजेंटेशन में केंद्र और राज्य सरकारों के असहयोग को जिम्मेदार ठहराया है। लेकिन, हम लाइसेंस कैंसिल किए जाने के हक में हैं, क्योंकि ब्लॉक डिवेलप करने के लिए कानूनी तौर पर पूरी तरह से कंपनियां ही जिम्मेदार हैं।'

इनके अलावा और जिन कंपनियों से कोल ब्लॉक्स छिन सकते हैं उनमें रुंगटा माइंस, डालमिया सीमेंट, सनफ्लैग आयरन ऐंड स्टील, टॉपवर्थ स्टील और महाराष्ट्र स्टेट माइनिंग कॉर्प शामिल हैं। कोल मिनिस्ट्री में अडिशनल सेक्रेटरी ए के दुबे की अगुवाई में बनी कमेटी ने एनटीपीसी, सेल और तेनुघाट विद्युत निगम की बैंक गारंटी से कटौती करने की भी सिफारिश की है। 3 और कोल ब्लॉक्स टाटा पावर, जिंदल फोटो, मोनेट इस्पात ऐंड एनर्जी की मंदाकिनी, जेपी असोसिएट्स के मांडला नॉर्थ और छत्तीसगढ़ मिनरल डिवेलपमेंट कॉर्प के सोंडिहा कोल ब्लॉक्स के खिलाफ किसी कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है।

खुलते ही लाल निशान में पहुंचा शेयर बाजार

Posted by rahul thakur | Monday, October 21, 2013 | Posted in

Sensexनई दिल्ली। घरेलू बाजारों पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सुस्त संकेतों का असर साफ दिखाई दिया। बाजारों की शुरुआत लाल निशान के साथ हुई। साथ ही रुपये की कमजोरी से भी बाजार पर और दबाव बना दिया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 61.79 के स्तर पर आ गया है।
30 शेयरों वाला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 32.5 अंक की गिरावट के साथ 20,861.3 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, 50 शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 10.5 अंक टूटकर 6,194.5 पर आ गया है। बैंक, ऑयल एंड गैस, रियल्टी और ऑटो शेयरों की पिटाई से बाजार में सुस्ती है। हालांकि आईटी, कैपिटल गुड्स, टेक्नोलॉजी, पावर और कंज्यूमर ड्युरेबल्स शेयरों में खरीदारी आई है। दिग्गज शेयरों की गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो हफ्ते के पहले दिन नैस्डैक 13 साल की ऊंचाई पर बंद हुआ। हालांकि सितंबर के सरकारी जॉब रिपोर्ट से पहले अमेरिकी बाजारों में सुस्ती देखी गई है। सितंबर में नॉन फार्म पे-रोल बढ़कर 1,80,000 रहने का अनुमान है। सितंबर में 7.3 फीसद बेरोजगारी दर का अनुमान है जो 3.5 साल का निचला स्तर है।

यस बैंक का मुनाफा 16% बढ़ने का अनुमान

Posted by rahul thakur | | Posted in

आज बाजार की नजर यस बैंक के वित्त वर्ष 2014 की दूसरी तिमाही के नतीजे पर रहने वाली है। सीएनबीसी आवाज़ के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2014 की दूसरी तिमाही में यस बैंक के मुनाफे और ब्याज आय में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

आवाज़ अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2014 की दूसरी तिमाही में यस बैंक का मुनाफा 16 फीसदी बढ़कर 356 करोड़ रुपये रह सकता है। वित्त वर्ष 2013 की दूसरी तिमाही में यस बैंक का मुनाफा 306.1 करोड़ रुपये रहा था।

वहीं वित्त वर्ष 2014 की दूसरी तिमाही में यस बैंक की ब्याज आय 26 फीसदी बढ़कर 659 करोड़ रुपये रह सकती है। वित्त वर्ष 2013 की दूसरी तिमाही में यस बैंक की ब्याज आय 524.2 करोड़ रुपये रही थी।

बढ़त के साथ बाजार बंद, 266 अंक उछला सेंसेक्स

Posted by rahul thakur | Wednesday, October 9, 2013 | Posted in

बढ़त के साथ बाजार बंद, 266 अंक उछला सेंसेक्स
मुंबई। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 266 अंक के उछाल के साथ 20249 के स्तर बंद हुआ वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 79 अंको की बढ़त के साथ 6007 के स्तर पर बंद हुआ। बात सुबह की करें तो  सेंसेक्स 65.41 अंको की गिरावट के साथ 19918.20 के स्तर पर खुला था निफ्टी 35.15 अंको की गिरावट के साथ 5893.25 के स्तर पर खुला था। 

निसान की नई एक्स-ट्रेल जल्द भारत में, इस महीने आ रही हैं छह नई कारें

Posted by rahul thakur | | Posted in


निसान की नई एक्स-ट्रेल जल्द भारत में, इस महीने आ रही हैं छह नई कारें
निसान ने फ्रेंकफर्ट मोटर शो में नई एक्स-ट्रेल उतारी है। सात सीट वाली इस गाड़ी के ले-आउट में कुछ सुधार किया है। इसके साथ ही इसके डायनामिक्स में भी बदलाव लाया गया है। नई निसान एक्स-ट्रेल को किसी भी पुरानी एक्स-ट्रेल के साथ रखकर देखें तो समझ में आएगा कि नई कार कितनी अलग है। इस कार में आगे का हिस्सा एंग्युलर है और शार्प कट्स हैडलैंप के पास दिए गए हैं। इससे कार स्लीक क्रॉसओवर नकार आती है। 
यह पहली कार है, जो निसान के कॉमन मॉड्यूल फैमिली (सीएमएफ) प्लेटफॉर्म पर तैयार की गई है। इसका मतलब है कि निसान सस्पेंशन, केबिन, फ्रंट और रीयर अंडरबॉडी सेक्शन आदि के लिहाज से किफायती रहेगी। रेनो-निसान के अनुबंध के तहत कहा जा चुका है कि सीएमएफ का प्रयोग आने वाली 11 कारों में किया जाएगा। इसमें छोटी हेचबैक से लेकर बड़ी कार और प्रीमियम कारों में भी इसका ही प्रयोग होना है। 
दिवाली से पहले कई नई गाडिय़ां दस्तक देंगी। इसमें एसयूवी, हैचबैक, मिनी एसयूवी, लग्जरी सैलून कार आदि शामिल हैं। इन कारों के बारे में जानने के लिए आगे के स्‍लाइड्स पर क्लिक करें... 

लॉबिंग को कानूनी दायरे में लाने पर विचार संभव

Posted by rahul thakur | | Posted in

रिटेल एफडीआई मामले में वालमार्ट की तरफ से लॉबिंग पर हो-हल्ला के बाद सरकार इस पर कर सकती है विचार

मल्टी ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मामले में वालमार्ट की तरफ से लॉबिंग पर हो-हल्ला के बाद सरकार अब लॉबिंग को कानूनी दायरे में लाने पर विचार कर सकती है। भारत में अभी लॉबिंग को गैर कानूनी माना जाता है।
कैबिनेट की अगली बैठक में वालमार्ट की लॉबिंग को लेकर पूर्व न्यायाधीश मुकुल मुद्गल की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद सरकार लॉबिंग के मसले को कानूनी चोला पहनाने पर आगे बढ़ सकती है।
इस कमेटी की रिपोर्ट पर पिछले गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में चर्चा होनी थी, लेकिन इसे अगली बैठक के लिए टाल दिया गया। सूत्रों के मुताबिक न्यायाधीश मुद्गल की रिपोर्ट में वालमार्ट की लॉबिंग को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी प्रमाण और ठोस साक्ष्य के अभाव में किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है और यह नहीं कहा जा सकता है कि वालमार्ट की तरफ से लॉबिंग को लेकर घूस देने का काम किया गया या नहीं। कैबिनेट की अगली बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा के बाद सरकार की तरफ से कार्रवाई रिपोर्ट तैयार की जा सकती है या कार्रवाई को लेकर सिफारिश की जा सकती है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि न्यायाधीश मुद्गल की इस रिपोर्ट को संसद के समक्ष भी रखा जा सकता है क्योंकि वालमार्ट की तरफ से लॉबिंग किए जाने के मामले में सरकार ने संसद में तय सीमा में इसकी जांच कराने की घोषणा की थी। संसद में हो-हल्ला के बाद ही इस साल जनवरी में कैबिनेट की तरफ से मुद्गल कमेटी का गठन किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, इस रिपोर्ट पर चर्चा के बाद सरकार लॉबिंग को कानूनी दायरे में लाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

कार ग्राहकों को रिझाने में जुटे सरकारी बैंक

Posted by rahul thakur | | Posted in

कार ग्राहकों को रिझाने में जुटे सरकारी बैंक
रणनीति - पीएनबी, ओबीसी के ऑटो व कंज्यूमर गुड्स लोन 2.5% तक सस्ते

 किसके क्या कदम

पंजाब एंड सिंध बैंक
त्योहारी सीजन में लोन लेने वालों से कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाएगी
लोन लेने वालों को कार की कीमत की शत-प्रतिशत राशि फाइनेंस की जाएगी

ओरियंटल बैंक व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
ये बैंक उन सभी व्यक्तियों को कार लोन देने को तैयार हंै जिनकी मासिक आमदनी है 15,000 रुपये

पंजाब नेशनल बैंक
कार लोन के आवेदकों के लिए मासिक आमदनी की न्यूनतम सीमा 20,000 रुपये तय कर रखी है इस बैंक ने

त्योहारी सीजन पर बैंकों ने जमाईं अपनी निगाहें

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने कार लोन के लिए वार्षिक आमदनी की सीमा क्या बढ़ाई, अन्य सरकारी बैंकों ने भी इसे एक अवसर मानते हुए इस त्योहारी सीजन में अधिक से अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने की योजना बना ली है। कई बैंकों ने तो ग्राहकों के लिए कुछ सहूलियतों की भी घोषणा कर दी है। इस बीच, पीएनबी और ओबीसी ने ऑटो व कंज्यूमर ड्यूरेबल गुड्स लोन २.५' तक सस्ते कर दिए हैं।
एसबीआई ने जुलाई के अंतिम हफ्ते के दौरान कार लोन के लिए नियमों में तब्दीली की थी। इस बैंक से पहले उन व्यक्तियों को भी लोन मिल जाता था जिनकी वार्षिक आमदनी ढाई लाख रुपये सालाना थी लेकिन बाद में उसे बढ़ाकर छह लाख रुपये कर दिया गया है। इस वजह से ढेर सारे ग्राहक एसबीआई से बिदक गए। हालांकि, इसके बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए वार्षिक आमदनी की सीमा छह लाख से घटाकर चार लाख रुपये कर दी गई।
पंजाब एंड सिंध बैंक में रिटेल लेंडिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि त्योहारी सीजन में अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित करने के लिए बैंक ने दो सहूलियतों की घोषणा की है। पहला यह कि इस दौरान लोन लेने वालों से प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाएगी और दूसरी सहूलियत यह कि लोन लेने वालों को कार की कीमत की शत-प्रतिशत राशि फाइनेंस की जाएगी।
अन्य बैंक तो कुछ मार्जिन भी रखते हैं। वार्षिक आमदनी के सवाल पर उन्होंने बताया कि कोई निश्चित राशि तय नहीं की गई है। यह जरूर देखा जाएगा कि लोन लेने वाले की जितनी मासिक आमदनी है, उसके 60 फीसदी से ज्यादा राशि की ईएमआई नहीं हो।
ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के एक अधिकारी के मुताबिक वह तो उन सभी व्यक्तियों को कार लोन देने को तैयार हैं जिनकी मासिक आमदनी 15,000 रुपये है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने भी यही बात दोहराई।
उनका कहना है कि सिबिल से रिपोर्ट मंगाने पर सारी जानकारी मिल जाती है कि किस व्यक्ति का कहां-कहां कौन सा लोन चल रहा है, कहां डिफॉल्टर है।
ऐसे में चार लाख या छह लाख रुपये की सालाना आमदनी का चक्कर जरूरी नहीं है। विजया बैंक के दिल्ली क्षेत्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके यहां कार लोन लेने वालों के लिए आमदनी की कोई न्यूनतम सीमा तय नहीं है। बैंक के प्रबंधकों को यह अधिकार दिया गया है कि वे ग्राहकों की कर्ज अदायगी क्षमता देख कर लोन मंजूर कर दें।

पंजाब नेशनल बैंक ने इस मामले में आवेदक की मासिक आमदनी की न्यूनतम सीमा 20,000 रुपये तय कर रखी है। इसके अधिकारी ने भी बताया कि स्टेट बैंक द्वारा वार्षिक आमदनी की न्यूनतम सीमा छह लाख रुपये तय करने को वह एक अवसर के रूप में देख रहे हैं।

एलपीजी सिलेंडर होगा साढ़े तीन रुपये महंगा!

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एलपीजी सिलेंडर होगा साढ़े तीन रुपये महंगा!
नई दिल्ली - महंगाई के इस दौर में रसोई गैस सिलेंडर भी आपकी जेब को कुछ और हल्का कर सकता है। सरकार ने अगर एक खास सिफारिश मान ली तो एलपीजी सिलेंडर तकरीबन 3.50 रुपये महंगा हो जाएगा।
दरअसल, एलपीजी डीलरों को मिलने वाले कमीशन में 9 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी करने की सिफारिश की गई है। उपर्युक्त सिफारिश तेल मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल ने की है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस सेल यानी प्रकोष्ठ ने एलपीजी डीलरों को मिलने वाले कमीशन को 3.46 रुपये बढ़ाकर 40.71 रुपये प्रति सिलेंडर करने की अनुशंसा की है। अगले दो हफ्तों में इस कमीशन में बढ़ोतरी कर दिए जाने की संभावना है।

मालूम हो कि एलपीजी डीलरों को दिए जाने वाले कमीशन में बढ़ोतरी का बोझ अमूमन इसके उपभोक्ताओं पर डाल दिया जाता है। दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कीमत मौजूदा समय में 410.50 रुपये है। एलपीजी सिलेंडर के मूल्य में संशोधन इससे पहले पिछले साल अक्टूबर महीने में ही किया गया था। उस समय डीलर कमीशन मेें बढ़ोतरी के चलते एलपीजी सिलेंडर की कीमत को 399 रुपये से बढ़ाकर 410.50 रुपये कर दिया गया था। (प्रेट्र)

वॉलमार्ट का भारती इंटरप्राइजेज से हुआ 'तलाक

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वॉलमार्ट का भारती इंटरप्राइजेज से हुआ 'तलाक'अमेरिकी खुदरा कंपनी वॉलमार्ट स्‍टोर्स ने भारत में अपने पार्टनर भारती इंटरप्राइजेज से नाता तोड़ दिया है। दोनों कंपनियों की तरफ से बुधवार को जारी संयुक्‍त बयान में कहा गया है कि अब ये भारत में अलग-अलग बिजनेस करेंगी। इसके साथ ही दोनों कपंनियों ने रिटेल कारोबार में फ्रेंजाइजी से जुड़े करार भी खत्‍म कर लिए।
 
नाता टूटने के बाद वॉलमार्ट 50:50 के थोक संयुक्त उद्यम कारोबार में अपने भारतीय साझीदार से उसकी हिस्सेदारी खरीद लेगी। आवश्यक मंजूरियां मिलने पर, वालमार्ट संयुक्त उद्यम कंपनी भारती वालमार्ट प्राइवेट लिमिटेड में भारती की हिस्सेदारी खरीदेगी जिससे इस थोक कारोबारी उद्यम पर वालमार्ट का शत प्रतिशत स्वामित्व स्थापित हो जाएगा।
 
बयान में कहा गया है कि दोनों कंपनियों के बीच भारत में स्वतंत्र रूप से अलग कारोबारी ढांचे का स्वामित्व करने की सहमति बनी है और वे खुदरा कारोबार में अपने फ्रेंचाइजी समझौते को खत्म कर रही हैं। यह समझौता पक्के समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने और नियामकीय मंजूरियां मिलने पर लागू होगा।
 
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजन भारती मित्तल ने कहा, ‘भारती इंटरप्राइजेज एक विश्वस्तरीय खुदरा उद्यम बनाने को लेकर प्रतिबद्ध है और वह सभी प्रारूपों में भारती रिटेल में निवेश करना जारी रखेगी। हमारा मानना है कि 212 स्टोर्स की मौजूदा संख्या के साथ हमारे पास कारोबार बढ़ाने व ग्राहकों को खुश रखने का एक मजबूत मंच है।’ 

njfi

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MAHAAPOR V NIGAM COMMITIONER KE PUTLE KO DI FAANSI .

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