सर्दियों के सरल कारगर नुस्खे
घर में छोटे बच्चे हो तो इन सर्दियों में थोड़ी बादाम और खारेक लाकर रखिए। रात में दो-चार बादाम गलाकर उसे घिसिए और गर्म दूध में डालकर पिलाइए। यह परंपरागत नुस्खा बड़े काम का है, इससे बच्चे की सेहत भी ठीक रहेगी और त्वचा तथा दिमाग भी।
गर्म दूध में खारेक को उबाल कर लेने से भी सर्दी-जुकाम का प्रकोप नहीं रहता है। सर्दियों में गेहूँ का आटा घी में सेंककर उसमें सिंका गोंद, कतरे काजू, बादाम, किशमिश, चारोली, पिस्ता, इलायची आदि को उसमें पीसी शकर मिलाकर रख लें। इस सामग्री का तीन तरह से उपयोग हो सकता है। या तो इसे पंजीरी की तरह इस्तेमाल करें या हलवा बना लें या फिर इसके लड्डू बना लें।
सीतोपलादि आयुर्वेद का प्रसिद्ध चूर्ण है। घर पर भी बनाया जा सकता है। इसके लिए दालचीनी-एक भाग, छोटी इलायची-दो भाग, छोटी पीपर-चार भाग, वंशलोचन-आठ भाग और मिश्री-सोलह भाग लें। सारी औषधियों का महीन चूर्ण बनाकर शीशे के जार में भर लें।
चूर्ण बनाते समय यह ध्यान दें कि वंशलोचन खूब महीन (बारीक) पिस जाए और मिश्री अंत में पीसकर मिलाएँ, सारी औषधियों का चूर्ण खूब महीन (बारीक) हो। रात्रि में सोते समय और प्रातः खाली पेट शहद के साथ एक चम्मच चूर्ण चाटकर सोएँ। यदि जल पीना है तो रात्रि में गरम जल का ही प्रयोग करें। दो-तीन दिनों में खाँसी से छुटकारा मिल जाएगा।

