Published On:Saturday, December 21, 2013
Posted by NJFI media
अब मोेदी नहीं, अडवाणी 21.12.13
उज्जैन। सभी राजनैतिक समीकरणों, गणित व मिशन 2014 के संभावित परिणामों पर सूक्ष्म आत्म चिंतन के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी मोदी को नकार ही दिया। आम चुनाव में भाजपा को बहुमत ने मिलने की स्थिति स्पष्ट है तथा मोदी के अहंकारी, पूर्वाग्रही, षडयंत्री, फेकू, झूठ व प्रायाजित कार्यक्रमों द्वारा लोकप्रियता जताने के प्रयासों की हवा निकली। राजग छिन्न भिन्न हुआ। पंथ निरपेक्ष तरकतों का धु्रवीकरण शुरू हुआ। मोहन भागवत ने यूर्टन लेते हुए कहा की गांव जलने से बचाने में अडवाणी समर्थ है, वे राजग को पुनः एकता के सूत्र में बांध सकते है। मोदी के कारण भाजपा में भी बिखराव की स्थिति बनी। अडवाणी भाजपा की आशा है। मोदी पर गुजरात दंगे का अमिट कलंग है जो कभी नहीं मिट नहीं सकता और मादी को देश की जनता कभी स्वीकार भी नहीं सकती। षडयंत्री मोदी के खिलाफ संघ के निष्ठावान लोग भी है। मोदी अपने आप में विध्वंसी चेहरा है।
मोहन भागवत ने यूटर्न लेकर, अच्छा कदम उठाया और गांव व देश को जलने से बचाया। मोदी अब गुजरात में रहेगे। अडवाणी राजग को संगठित करेगे, भाजपा का राष्टीय अध्यक्ष राजनाथ भी बहला जायेगा।
मोहन भागवम के संकेतों से शिवराज व डाॅं.रमनसिंह पालन करें।


