Published On:Tuesday, December 24, 2013
Posted by NJFI media
मीडिया परीक्षण क्रमांक 3 गैस सिंलेण्डर जन सुविधामय कब
उज्जैन। घरेलू गैस नीति ने कांगे्रस का बंटाढार किया। कांगे्रस जन आक्रोश का शिकार हुई फिर भी नीतियाॅं नहीं सुधारी जा रही। कांगे्रसी नेता कौमा मं नजर आ रहे है। लगता है कि कागे्रस में भी भाजपा व मोदी के दल्ले सक्रिय ह।
केन्द्र सरकार घरेलू गैस नीति तुरंत बदले सबसीडी वाले सिंलेण्डर की संख्या 12 करे। सबसीडी काटकर ही सिंलडर का मूल्य तय करे व उपभोक्ता से लिया जाये। किसी भी राज्य में उर्जा ईधन पर राज्य सरकारों द्वारा वेट कर लगाने पर प्रतिबंध लगाए जा राज्य उर्जा ईधन पर वेट कर लगाये उसकी केन्द्रिय सहायता बंद की जाए। कागजी जंजाल समाप्त किए जाए। गैस कनेक्शन के नाम परिवर्तन प्रक्रिया सहज सरल व निःशुल्क हो, वर्तमान मं गैस कनेक्शन नाम हस्तातरण पर गैस वितरक 1500 से 3 हजार की माग कर रहे है। जो अवैध है। सभी कम्पनीज के नियम समान हो। गैस सिलेंडर का हाॅटल्स शादी वाहनों में व्यवसायिक उपयाग पर कठोर दण्ड व्यवस्था की जाये। जो भी अपराधी हो सिंलण्डर जप्ति के साथ 10 हजार की सजा का प्रावधान हो। गैस कनेक्शन नाम परिवर्तन पर भारत गैस कम्पनी उज्जैन से तीन हजार मांगे। क्या आयल कम्पनी ने यह शुल्क निर्धारित किया है। एजेन्सी संचालक ही सिंलेण्डर की कालाबाजारी करवा रहे है। जिस कम्पनी का जिस स्थान पर सिंलेण्डर जप्त हो उस वितरक एजेन्सी तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाये। किसी भी वितरक के पास 5 हजार कनेक्शन वितरण व्यवस्था रखी जाये। तहसील स्तर पर भी एजेन्सी स्थापित की जाये।


