Published On:Thursday, December 5, 2013
Posted by NJFI media
चुनाव परिणाम सर्वे पर प्रश्न चिन्ह
उज्जैन। पाॅंच राज्यों के सभावित चुनाव परिणामों पर जनता को विश्वास नहीं हा रहा काइ्र उन्हे प्रायोजित बता रहा तो कोई उन्हं परिकल्पनीय ये अनुमान कारपारेट जगत की ऐजेन्सीज ने ही जारी किया है तथा अपने अनुबंधित आकाओं को प्रसन्न करने हेतु अनुमान प्रकाशित व प्रसारित किए है। यदि अनुमानों में 10 से 15 प्रतिशत का अंतर आया तो स्थिति ही दूसरी नजर आयेगी। पूर्व में भी सभी सर्वो के अभिमान फेल ही हुए है। जनता का सुझाव है की चुनाव पूर्व तथा परिणामों के सेर्व पूर्ण रूपेण प्रतिबंधित किए जाये। सर्वे के माध्यम से जनभावनाआं को प्रभावित किया जाता है। धनबल द्वारा यह घिनौना कुकृत्य करवाया जाता है। अतः चुनाव आयोग चुनाव पूर्व व परिणाम सर्व प्रतिबंधित ही करे तथा उन्हे अवैध कृत्य ही माने।


