Published On:Sunday, December 29, 2013
Posted by NJFI media
बेटी और पोती के संग पहुंचीं उषा, दिल खोलकर की बातें
जयपुर। होटल आईटीसी राजपुताना में प्रभा खेतान फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को आयोजित टॉक शो के दौरान मशहूर सिंगर उषा उत्थुप ने अपनी बेटी अंजलि कुरियन और पोती आयशा जॉन कुरियन के साथ शिरकत की। उन्होंने इन्हीं के गाए हाल ही में हिट हुए सांग, डायमंड्स (रिहाना) की प्रस्तुति के साथ अपनी तीन पीढिय़ों और म्यूजिक से उसके जुड़ाव के बारे में बात की। तीन पीढिय़ों के इन सिंगर्स ने आशिकी 2, बिंदिया चमकेगी, डार्लिंग, स्काइफाल और राजस्थानी गीत - अंजन की सीटी में म्हारो मन डोले... पेश किए।
उषा ने अपनी बेटी और पोती के साथ गाने के एक्सपीरियंस के बारे में कहा कि यह प्रयास लोगों तक ये संदेश पहुंचाने का है कि म्यूजिक बिजनेस नहीं जो हम एक जेनरेशन से दूसरी जेनरेशन में तब्दील करें। यह एक तरह का कम्यूनिकेशन है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की कहीं न कहीं कसक है कि उन्होंने संगीत की ट्रेनिंग नहीं ली, लेकिन वे अपनी ग्रैंड डॉटर को म्यूजिक की ट्रेनिंग दिलवाना चाहती हैं ताकि वह संगीत के हर पहलू को समझ सके ।
18 भाषाओं में गुनगुना चुकीं उषा का मानना है कि संगीत कोई भाषा नहीं होती, लेकिन हर भाषा में एक संगीत जरूर होता है। यही कारण है कि उनका संगीत औरों से थोड़ा अलग है क्योंकि वे हर भाषा में शामिल संगीत को समझने का प्रयास करती हैं।
आने वाली पीढ़ी को प्लेबैक सिंगिंग में करिअर बनाने के लिए एक सुझाव के रूप में उत्थुप ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में बतौर प्लेबैक सिंगर अपनी जगह बनाना आज के दौर में मुश्किल काम नहीं है, लेकिन उस जगह को बनाए रखना बेहद कठिन है। जो सिंगर इस बात को ध्यान में रख कर आगे बढ़ता है उसे सफलता जरूर मिलती है।


