Published On:Monday, December 16, 2013
Posted by NJFI media
राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के योग्य नहीं
उज्जैन। गांधी नेहरू परिवार का त्याग देश कभी नहीं भूल सकता। सोनिया गाॅंधी भी शहीद राजीव गांधी की पत्नि है वे भी सदैव सम्मानीय ही रहेगी। राहुल गाधी भी नेहरू गांधी परिवार के हं उनके परिवार का होना प्रधानमंत्री की योग्यता का प्रमाण नहीं हो सकता। राहुल गाॅंधी में प्रधानमंत्री पद की योग्यता, क्षमता एवं अनुभव नहीं है। चापलूस कांगे्रसी जबर जस्ती थोपने का प्रयास कर कांगे्रस का प्रराभव चाहते है। राहुल सबसे पहले अटलजी या राजनैतिक संत को अपना राजनैतिक गुुरू बनाये, जनभावनाओं को समझे, स्वामी विवेेकानंद का सूक्ष्मता से अध्ययन कर उन्हें जीवन में उतारे, पंथ निरपेक्ष दलों के नेताओं से नीति निर्देश प्राप्त करें, युवाशक्ति को साथ में लेकर, दूर दराज के ग्रामीण अंचल तक जनता सेे सीधा सम्पर्क करे। बडे व उॅंुचे मंचों से उद्बोधन उचित नहीं। प्रत्येक कांग्रेसी को वाक, वाक्तव्य, गुटबाजी,सेबोटेसी व पद लोलुप चरित्र से निकाल कर, जनसेवी बनाये। यह कार्य निरंतर 10 वर्षो तक जारी रखे तब वे परिपक्व व अनुभवी होगेजनता में सम्मान बढेगा।
आम चुनाव 2014 नाजीवाद विरूद्ध पंथ निरपेक्षवाद से है। अतः राहुल गाॅंधी सभी पंथ निरपेक्ष ताकतों का पंथ निरपेक्ष मोर्चा बनाए। प्रगतिशील एवं समाजवादी ताकतां का पंथ निरपेक्ष मोर्चा बनाए। प्रगतिशील एवं समाजवादी ताकतों का एक मंच पर लाए। स्वंय को प्रधानमंत्री पद का अन्यथा होने से स्पष्ट इन्कार करे। सोनिया, नीतिश, मुलायम, ममता, को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करे समूचे देश में संयुक्त दौरा करे, जन जागरण करे जनता स्वंय प्रभावित होगी। अनेकों प्रदेशों में अनेक कांगे्रस सक्रिय है उनका एकीकरण करे, तब ही उनका वर्चस्व स्थापित होगा। राहुल गांधी को प्रत्येक जन सम्पर्क अभियान जरूरी है। इसके लिए युवाशक्ति को साथ में लेना जरूरी है। चापलूसी कांगे्रसियों की राजनीति समाप्त करना जरूरी हं।


