Published On:Tuesday, December 17, 2013
Posted by NJFI media
रमन राहे अब अग्निपथ बनी
उज्जैन। डाॅं. रमनसिंह मुख्यमंत्री बने, भाग्य ने उनका साथ दिया, कांगे्रस की नौका मझाधांर में नहीं किनारे पर डूबी। रमनसिंह मुख्यमंत्री बने, अब राहे कठीन अग्निपथ बनी नक्सलवाद को समाप्त करना है, भ्रष्टाचार मिटाना है, भूमाफियाओं शिक्षा माफियाओं के एकाधिकार समाप्त करना है गरीबी उन्मूलन के मूर्त रूप देना है, आदिवासियों के बहुआयामी विकास को मूर्तरूप देना है, गुंडावाद को जडमूल से समाप्त करना है, किसानों की भूमियाॅं सरक्षित रखना है, घरेलू बिजली दर में 50 प्रतिशत की कमी करना है जो कार्यबेहद कठीन कार्य है क्योंकि पावर माफियाओं की गुलाम छग सरकार है। खनिज माफियआों का जंजाल हैं भाजपा संगठन भी रमनसिंह के एकाधिकार वाद से नाराज है। सिमी व आतंकियों के षडयंत्रों का सुरक्षित केन्द्र छग हो गया है। मिशन 2014 में पूर्ववत सफलता मिलना मुश्किल है मोदी का साथ अशुभकारी ही रहगा, जो भी हो रमनसिंह भी राहे आसान नहीं हं उन्ही मुद्दो की चर्चाएं की है जो लोक उद्धार हेतु जरूरी हैं अटल भक्त वअनुयायी हो तो नाजीवाद अहंकारी व पूर्वाग्रही मोदी से नाता तोडा।


