Published On:Wednesday, December 11, 2013
Posted by NJFI media
विश्व के दूसरे गाॅंधी को अन्तिम प्रणाम
उज्जैन। विश्व के दूसरे गांधी, महामानव, अति संदेवनशील एवं मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित नेल्सन मंडेला का श्रृद्धाजंलि अर्पित कर, अन्तिम प्रणाम हेतु 150 राष्टों के सैंकडों प्रतिनिधि जोन्सबर्ग पहॅंुचे। द. अफ्रीका में नया मानवतावादी विश्व नजर आया। प्रार्थना सभा में नेल्सन मंडेला की आत्मिक शांति हेतु आत्मिक प्रार्थना की गई आई उन्हे अन्तिम प्रणाम किया गया। नेल्सन मंडेला के साथ महात्मा गाॅंधी का भी स्मरण स्वतः ही हुआ क्यों की नेल्सन मंडेला के आदर्श, प्रेरणाश्रेोत महात्मा गांधी ही थे। महात्मा गांधी के वेश्विक स्वरूप से अटलजी को छाडकर अन्य नाजीवादी ताकतों ने नाक भोहे, सिकुडी। भाजपा, विहिप व अन्य संगठन गुजरात के महा मानव महात्मा गाॅंधी की वैश्विक छवि से आज भी पूर्वाग्रही भावनाएं रखते है मोदी भी उनमें ासे एक है।
नेल्सन मंडेला महात्मा गांधी के दूसरे उत्तराधिकारी ही थ। अनत यात्रा हेतु महाप्रयाण कर गए, भौतिक जगत से अन्र्तध्यान हो गए, यह सत्य है जो तत्वों से बना है उसे नष्ट होना ही है, किन्तु कर्मवीर मानवतावादी व इतिहास सृजक के ईश्वर समूचे व्यौम में विद्य़मान रहते है। वे भौतिक रूप से चाहे अन्र्तध्यान हो जाए किन्तु ईश्वर स्वरूप मं हमेशा हमारे बीच रहते है यह मान्यता सिंद्धांत व निर्णय सनातन धर्म की है जो शाश्वत सत्य हैं।
एनजेएफआई परिवार के प्रत्येक सदस्य न भी नेल्सन मंडेला का आत्मिक शांति हेतु आत्मिक प्रार्थना कर उन्हें अन्तिम प्रणाम किया। मंडेला भी महात्मा गांधी की तरह वैश्विक संत के रूप में पूज्यनीय ही रहेगे।


