Published On:Thursday, December 5, 2013
Posted by NJFI media
गांधी की राह पर मंडेला के साथ चार कदम!
- नई दिल्ली। नेल्सन मंडेला की पहचान दुनिया के बेहतरीन नेताओं में थी। उन्होंने साउथ अफ्रीका में नस्लभेदी सरकार की जगह एक लोकतांत्रिक बहुनस्ली सरकार बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया। इस संघर्ष के दौरान वह 27 साल तक जेल में रहे। वो ऐसे करिश्माई नेता थे जिन्होंने समान नागिरक अधिकारों की लड़ाई में पूरा जीवन होम कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नेल्सन मंडेला के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वो इस धरती पर सबसे प्रभावशाली, साहसी और बेहतरीन इंसान रहे।
- नेल्सन मंडेला को 1993 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1964 में जेल जाने के बाद नेल्सन मंडेला दुनिया भर में नस्लभेद के खिलाफ संघर्ष के एक आइकन बन गए। 1994 में हुए पहले लोकतांत्रिक चुनावों में मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति चुन लिए गए। मंडेला महात्मा गांधी से बेहद प्रभावित थे। लोग उन्हें साउथ अफ्रीका के गांधी भी कहते थे। उनके राजनीतिक आंदोलनों और संघर्षों में महात्मा गांधी के विचारों का असर साफ दिखता है।
- नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 को दक्षिण अफ्रीका के ट्रांसकई के म्वेसो में हुआ था। उनके पिता हेनरी मंडेला टेंबू कबीले के मुखिया थे। बचपन बीतने के साथ ही उन्हें एहसास हो गया था कि उन्हें और उनके जैसे दूसरे लोगों को अपना हक हासिल करने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी होगी। नेल्सन मंडेला ने अपनी आत्मकथा में लिखा है-
- "मैं आज़ाद होने की भूख के साथ नहीं जन्मा था। मैं तो आज़ाद ही जन्मा था। हर मुमकिन तरीके से मैं आजाद था। आजादी थी मेरी मां की कुटिया के सामने वाली पगडंडियों पर दौड़ लगाने की। मैं आज़ाद था अपने गांव से गुजरने वाले साफ सुथरे झरनों में तैरने के लिए। लेकिन बचपन की आजादी महज़ छलावा थी। बतौर एक नौजवान मैं समझने लगा कि मेरी आज़ादी मुझसे छीन ली गई है। तब मुझमें आजादी की भूख जगने लगी (ग्राफिक्स आउट)"
- मंडेला 1999 में सक्रिय राजनीति से हट गए। लेकिन मानवता के लिए उनका संघर्ष जारी रहा। नेल्सन मंडेला फाउंडेशन के साथ काम करते हुए उन्होंने दुनिया को एक विरासत तोहफे में दी। नेल्सन मंडेला चिल्ड्रेन्स फंड, मंडेला रोड्स फाउंडेशन ,मंडेला इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन एंड रूरल डेवेलपमेंट, 46664 कैंपेन के जरिये दूसरे देशों में भी मानवता से जुड़े हर संघर्ष को मडीबा का सहयोग,समर्थन और हौसला हासिल हुआ। मडीबा मंडेला को हमारा सलाम।


