Published On:Wednesday, December 4, 2013
Posted by NJFI media
नारायण साईं को सूरत लेकर पहुंची गुजरात पुलिस
- नई दिल्ली। सूरत रेप केस में गिरफ्तार नारायण साईं को गुजरात पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर सूरत लेकर पहुंच गई है। नारायण को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच ले जाया गया है। सूरत कोर्ट में शाम 5 बजे नारायण की पेशी होगी। 58 दिन से फरार चल रहे नारायण को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कल ही कुरुक्षेत्र के पीपली गांव से गिरफ्तार किया गया। नारायण भेष बदलकर घूम रहा था।
- दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को गुजरात पुलिस को स्वयंभू संत आसाराम के बेटे नारायण साईं को एक दिन के लिए ट्रांजिट रिमांड पर सौंपा था। महानगर दंडाधिकारी धीरज मोर ने नारायण साईं और दो अन्य आरोपी कौशल ठाकुर उर्फ हनुमान और कार चालक रमेश मल्होत्रा के लिए ट्रांजिट रिमांड पर भेजा।
- गुजरात पुलिस ने यह कहते हुए ट्रांजिट रिमांड की मांग की कि नारायण साईं को सूरत की अदालत में पेश करना है, जहां से उसकी गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। नारायण 30 साल की एक महिला द्वारा दायर कराई गई शिकायत के बाद से फरार था। महिला ने आरोप लगाया है कि स्वयं को भगवान कृष्ण का अवतार बताने वाले नारायण ने 2001 और 2005 के बीच उसके साथ रेप किया था। उसे मंगलवार रात हरियाणा के कुरुक्षेत्र के समीप पीपली गांव से चार सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
- गुजरात पुलिस ने अदालत से कहा कि नारायण कानून से भागने का प्रयास कर रहा था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले में नारायण के खिलाफ एक विशेष आरोप है। सूरत की एक अदालत ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया है। पुलिस ने बताया कि शिकायत में नारायण और हनुमान के नाम पहले से है। छानबीन के दौरान यह खुलासा था हुआ कि मल्होत्रा साईं को लड़कियां भेजा करता था। पुलिस ने कहा कि इस आपराधिक कृत्य में तीनों की समान रूप से संलिप्तता थी।
- नारायण के वकील प्रदीप राणा ने अदालत से कहा कि उनका मुवक्किल एक अदालत में आत्मसमर्पण के लिए गुजरात जा रहा था लेकिन पुलिस ने एक गुप्त सूचना पर उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने पुलिस की दलील का विरोध किया और कहा कि साईं जांच में सहयोग करेगा। राणा ने कहा कि इस मामले में साईं निर्दोष है।
- अदालत ने जब सवाल किया कि नारायण अदालत के समन की उपेक्षा क्यों कर रहा था, वकील ने कहा कि साईं यह समझ गया था कि इस मामले को मीडिया ने जिस कदर हवा दी है, उस बिनाह पर उसकी जमानत अर्जी मंजूर नहीं की जाएगी या कोई राहत मिलने वाली नहीं है।
- बचाव पक्ष के एक अन्य वकील ए पी सिंह ने कहा कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है और हिंदू संतों की छवि मलिन करने की नीयत से मामला दर्ज कराया गया है। अदालत ने समुचित दस्तावजों के साथ नहीं आने पर गुजरात पुलिस की खिंचाई भी की और स्कैन किए हुए दस्तावेज जल्द से जल्द पेश करने को कहा।


