Published On:Friday, December 6, 2013
Posted by NJFI media
एक्जिट पोल की झूठ पकडायी
उज्जैन। दिल्ली मतदान समाप्त होते ही एक्जिट पोल ने अपने सेर्व रपट के नाम से अपने परिकल्पनीय परिणाम प्रसारित कर दिए
व जनता को भ्रमित किया। जब सच्चाई का पता लगा तो संशोधन भी करने लगे। मामला अतिरोकच है। ये एक्जिट पोल
प्रायोजित थे तथा मतदान के 15 दिन पूर्व ही प्रसारित होना थे। यदि प्रसारित होते तो मतदाता भ्रमित होता और भाजपा के पक्ष
में 5 से 6 प्रतिशत मत चले जाते और भाजपा सुखद स्थिति में नजर आती, किन्तु चुनाव आयोग ने एक्जिट पोल प्रसारण पर
प्रतिबंध लगा दिया जिसके कारण कुछ भी नही हो पाय। सर्वे ऐजेन्सी ने भारी रकम धन लिया औरपरिकल्पनीय परिणाम बनाये।
अब मामला उलझा, भाजपा गुडफील की बजाय बेडफील महसूस कर रही। दिल्ली में तो एक सर्वे कम्पनी ने अप्रत्यक्ष रूप से सत्य
भी स्वीकारा।
चुनाव आयोग एक्जिट पोल एजेन्सी की जाॅंच करे की उन्हे कितना धन दिया गया व वह धन किसने दिया। भविष्य के लिए एक्जिट पोल व सेर्व भी हमेशा के लिए प्रतिबंधित ही किया जाना चाहिए। निःसन्देह मीडिया बिकाउ घोडा हो गया है।ऐसा होना स्वाभाविक भी है क्यों की मीडिया प्रतिष्ठान कारपोरेट जगत के ही है। विज्ञापनों पर भी प्रतिबंध लगाना जरूरी है। देश की समाचार चेनल्स की लायसेंस शर्तो की भी सूक्ष्मता से जाॅंच जरूरी है। न्यूज का लायसेंस है तो न्यूज ही चलना चाहिए। व दिखाई जाना चाहिए मनोरंजन, रियलिटी शो, क्रिकेट व सीने जगत की बाते, लायसेंस के विरूद्ध है। मीडिया अपने आपको बाजार की विकाउ वस्तु ही बना रहा है। एक्जिट पोल धोखा, झूठ व भ्रम फैलाने वाले षडयंत्र ही सिद्ध हुए हैं।

