Published On:Monday, December 23, 2013
Posted by NJFI media
प्रधानमंत्री बनने का अधिकार देश के प्रत्येक नागरिक को
उज्जैन। भाजपा नेता जेटली न कहा की देश का प्रधामनंत्री राजनैतिक नहीं हो सकता। यह जेटली की भूल है आचार्य चाणक्य जैसे गुूण, चरित्र नीति व नियत वाला कोई भी व्यक्ति दश का प्रधानमत्रंी बन सकता है। योग्यता सर्वोपरि है न की दल। राजनीति के पण्डों और गुण्डों ने ही देश की राजनीति व व्यवस्थाओं की बंटाढार किया है। राजनैतिक दल महा चंद, खोर, सत्ता, स्वादू सुविधा भोग ही सिद्ध हुए है। सभी दल कारपोरेट जगत की दूकाने है और नेता उसके बंधुवा मजदूर। अण्णा हजार जैसा सामाजिक व्यक्ति भी प्रधानमंत्री बन सकता है। देश की चाणक्य व स्वामी विवेकानंद से परिपूर्ण व्यक्तिवाले प्रधानमंत्री की जरूरत है न कि राजनैतिक दलां के मदारी परिवेश नेताओं की।
भारत के संविधान ने देश को हर प्रकार के मौलिक अधिकार दिए है जेटली जैसा कानून विद यदि बचकानी बात करे तो अच्छा नहीं लगता बयान देने के पूर्व जेटली को राजनैतिक दलां के जिन्स, परिवेश चरित्र नीति नियत कार्यो व परिणामों का सूक्ष्म अध्ययन व चिंतन करना जरूरी हैं।
जो भी प्रतिभावन है उसमें क्षमता व योग्यता है देश के नव निर्माण के प्रति संकल्प है यदि जनता उसे स्वीकारती है तो वह प्रधानमंत्री हो सकता है चाहे वह राजनैतिक न हो। जेटली को सुझाव देना चाहिए कि देश के प्रधानमंत्री का निर्वाचन प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली से जनता द्वारा किया जाना चाहिए ने की राजनैतिक दलों द्वारा। इसी क्रम में एनजेएफआई का सुझाव है की प्रधानमंत्री का निर्वाचन जनता द्वारा प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली से कराने की संवैधानिक व्यवस्था होना चाहिए।


