Published On:Friday, December 13, 2013
Posted by NJFI media
जनता ने राष्टीय नीति व लक्ष्य जारी किए-प्रथम सूची
उज्जैन। राजनीति के पण्डो, गुण्डों एवं राजनेतिक दलों के कुचरित्र विश्वासघाती नीति, नियत चरित्र व्यवहार तथा कार्यो से उबकर नई राष्टनीति व लक्ष्यों की घोषणा की। सतता स्वादुओं सुविधा भागी धनखोर चंदेबाज तथा पॅंूजीपतियों, कालेधन कुबेरों, उद्योगपतियों माफिया समूहों तथा कारपोरेट जगत के दल्ले व बंधुवा मजदूरों से जनता को बेहद घृणा है। मोदी, सोनिया, राहुल, मुलायम, नीतिश, अडवाणी व अन्यों में जन विश्वास नहीं महामहिम देश का सच्चा नेतृत्व करे तथा जनता द्वारा प्रस्तुत विचारों, निर्णयां, सुझावों को राष्टीय नीति व लक्ष्य मान कर उन्हें मूत्र रूप दे। किसी भी दल व ेनता में जन विश्वास नहीं।
1. राजनैतिक गुंडावाद समाप्त करने हेतु केन्द्र प्रदेशों अंचलों मं दलीय आनुपातिक पद्धति से लोकप्रिय सरकारे गठित हो तथा जनता द्वारा प्रस्तुत कार्य व योजनाओं को मूर्तरूप देना ही लक्ष्य हो।
2.विदेशी एवं स्वदेशी आतंकवाद की स्पष्ट परिभाषा यह है की जो भी व्यक्ति देश की सुव्यवस्था को कुव्यवस्था में बदले उसे आंतकी मान कर मृत्युदण्ड आजन्म कारावास दिया जाए व उसकी चल अचल संपत्ति राजसात की जाए।
3. सर्वप्रकार की शिक्षा व उपचार की निःशुल्क व्यवस्था प्रत्येक परिवार को दी जाए। यह सभी सरकारों का अनिवार्य दायित्व माना जाए। शिक्षा व उपचार सेवाआं का निजीकरण समाप्त किया जाए।
4. देश में स्वर्णिम समात मूलक समाजवादी व्यवस्था हेतु अमीरी की सीमा रेखा तय की जाए। परिवार चाहे विभक्त हो या संयुक्त उसे इकाई माना जाए।
5. सभी प्रकार क न्यासों को आंवटित भूमियाॅं तुरंत वापस की जाए तथा उन्हें भूमिहीनों को पट्टे पर दी जाए।
7. उद्योगों हेतु किसी भी प्रकार की जमीन हस्तगत कर,उद्योगों को नहीं दी जाए। उद्योगपति ही जमीने खरीदे व उद्योग लगाय।
8. विदेशी नीति व रक्षा नीति आक्रामक हो।
9 भ्रष्टाचारियों, दुराचारियों व कुकृत्यों को मृत्युदण्ड आजन्म कारावास, अंगभंग दण्ड का प्रावधान हो चउकी चल अचल संपत्ति राजसात करने का प्रावधान किया जाए।
10. सभी पंथों के आराधना स्थलों में प्राप्त दान व आर्थिक प्राप्तिका उपयोग शिक्षा, उपचार व खाद्यान्न सेवा हेतु किया जाए।
11. शाही दावत, शाही प्रतिबंधित की जाए।
12. देश के प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर व विवेकी बनाने हेतु द्वार द्वार शिक्षा अभियान चलाया जाए।
13. प्रत्येक शिक्षित एवं अशिक्षित व्यक्ति को क्षमता व योग्यता के आधार परराजगार के दिन सुनिश्चित किए जाए।
14. देश निर्माण में क्षेत्रवासियों की बहुआयामी भागीदारी भी उनकी अहं भूमिका हैं।
15. हरित कं्रांति हेतु खेतों की मेठ पर फलदार व व्यावसायिक व्ृाक्षों को रोपित किया जाए।
16. शहरों व गोंवो में घेरूली बिजली दर में 50 प्रतिशत की कमी की जाए।
18. देश की प्रत्येक परिवार, अपने पुरखों की स्मृति में 1 से 5 वृ़क्ष लगाए व उनकी देखभाल करें।
19. उर्जा ईधन पर सभी राज्यों में वेटकर शून्य हो। शराब सिगरेट व अन्य विलासित वस्तुओं पर वेट कर 100 प्रतिशत किया जाए।
20. प्रत्येक परिवार सदस्य को सैन्य शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जाए।
21. प्रत्येक पंचायत में वृद्धा, निराश्रित व अपंग आश्रम सक्रिय किए जाये।
23. देश की अर्थ व्यवस्था आम आदमी व अद्योसंरचना केन्द्रित हो।
25. देश के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ जनता को मिल न कि चंद घरानों व माफिया समूहो को।
यह प्रथम सूची अन्य मुदा्र की दूसरी सूची शीघ्र।


