Published On:Monday, January 27, 2014
Posted by NJFI media
जागो भागवत जागो
उज्जैन। संघ प्रमुख मोहन भागवत राजनीति के नर्क में गोते लगाकर स्वंय को गंगा स्नान का उत्त्राधिकारी मान रहे ह। राजनीति के नर्क में पडने के बाद वे वैचारिक, बौद्धिक एवं आत्मिक एवं निर्णय स्थिति के प्रति महानिंद्रा में लीन हो गए है और कलियुगी घृतराष्ट बन रहे है। मोदी के कुषडयंत्री चक्रव्यूह मं भागवत ऐसे घेरे की स्वंय व संघ की आत्मा तक खो बेठे हैं। अहंकारी पूर्वाग्रही, षडयंत्री शाब्दिक लफाज झूठ की पुस्तक, महाफेकू मोदी मोह में सच्चे विवेकदीप भागवत की आत्मा की हत्या कर उसी के शव पर बैठकर मोदी का यथोगान कर रहे है। यह स्थिति परिकल्पना नही शाश्वत सत्य है। सत्य सूर्य भी कह रहेा है। सत्य सूर्य भी कह रहा है जागो मोहन मोहन भागवत जागो मोदी मोह महाअभिशाप व महा अमिट कलंक है। राजनीति का नर्क सभी को जिंदा लाश बना देता है मोहन भागवत स्वंय को सत्य सूर्य की रश्मि बनाए न कि मोदी मोह की जिंदा लाश।


