Published On:Monday, January 27, 2014
Posted by NJFI media
लोभ व लालच देने वाले घोषणा पत्रों वाले दलों का पंजीयन रद्द हो
उज्जैन। देश के सभी दल चंदा व सत्ताखोर है। जनता को भ्रमित कर उनके विश्वास प्राप्त करते है और सत्ता की खीर खाते है। सभी दल, जनता कोे मूर्ख व जानवर ही समझते है। स्वंय मदारी बनकर, खूब माल खाते है। आजतक ऐसा ही हो रहा हैं। 80 प्रतिशत वंचितों को सस्ता अनाज, निःशुल्क बिजली, पानी भ्रष्टाचार विहीन देश, सुशासन, सुराज महाविकास, निष्पक्षपतो, पारदर्शिता कालेधन की समाप्ति सर्वसम्मान जनक स्थिति, सामाजिक न्याय, अंधोसरंचना आधारित रचनात्मक विकास आमआदमी केन्द्रित अर्थव्यवस्था के झूठे वायदे करते हैं। और प्रलोभन देते हैं। आजादी से आज तक की यही स्थिति है। 26 जनवरी 2014 के गणतंत्र पर संवैधानिक। प्रमुख ने भी गहरी चिंता जताई।
अब चुनाव आयोग को ही कठोर कदम उठाना है। लोक लुभावना, झूठे, लोभवादी वायदे है, निःशुल्क उपहारित करने वाले बाते यदि किसी भी दल के चुनावी घोषणा पत्र या चुनाव संभाओं में की जाए तो उस दल का तत्काल पंजीयन रद् कियाजाए व उस दल के किसी भी नेता को किसी भी प्रकार का चुनाव लडने हेतु आयोग्य घोषित किया जाए। यह नियम दलीय नेताओं पर लागू रहे, वे चाहे जिस दल मंे रहे आजादी, प्रजातंत्र, गणतंत्र व देश समाज व इन्सानों की खुशहाली हेतु राजनीति में लोभवाद भ्रष्टाचार, चंदावाद व प्रायोजित नाटक नौटंकिया बंद करना जरूरी हैं।


