Published On:Sunday, January 19, 2014
Posted by NJFI media
ये माजरा क्या है उज्जैन में
उज्जैन। उज्जैन तीर्थ नगरी है, महाकाल के कारण प्रतिदिन यात्री अनेकों साधनों से आते है शहर में कुकुरमुत्ते की तरह लाजेस गेस्ट हाउस व होटल बन गए हैं। अधिकांश होटल्स गेटर हाउस में पार्किग व्यवस्था है
यात्रियां के वाहन सडकों पर खडे रहते है जिनके कारण यातायात अराजकता फैलती है। बिना पार्किग वाले होटल्स, गेस्ट हाउस कैसे। सभी ने व्यवसायिक निर्माण की अनुमति ली है तो नगर निगम ने स्वीकृत नक्षों में पार्किग स्थलों क्यों नहीं आंवटित किए। यदि अंकित किए है तो अवैध निर्माण क्यों व कैसे हो गए तथा अवैध निर्माण व पार्किग सुविधा विहीन होटल्स व गेस्ट हाउस को लायसेसं कैसे जारी हो गए। संपूर्ण मामला गोलमाल व सौजन्यवाद की हिरासत में है। जिलाधीश पुलिस अधिक्षक व नगर निगम आयुक्त उज्जैन के सभी गेस्ट हाउस में पार्किग व्यवस्थाओं की भौतिक सत्यापन तुरंत कराये। जितने भी पार्किग विहीन गेस्ट हाउस व होटल्स व लाजेस है उनके लायसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाये। शाश्वत सत्य कोझूठलाने की नादानी नगर निगम न करें। जिलाधीश स्वंय एक बार देवास गट महाकाल क्षेत्र बेगमबाग रोड व फ्रीगंज के होटल्स लाजेस, का स्वंय भौतिक सत्यापन कर स्त्य उनके सामने खडा नजर आयेगा।


