Published On:Saturday, January 18, 2014
Posted by NJFI media
मंदसौर पुलिस द्वारा सीतामऊ में हुई सनसनीखेज डकैती का पर्दाफाश@ रिपोट -गौरव तिवारी
मंदसौर पुलिस द्वारा सीतामऊ में हुई सनसनीखेज डकैती का पर्दाफाश@ गौरव तिवारी
25000 रूपये नगदी व 2,50,000 के जेवर बरामद
मंदसौर । जिला पुलिस अधीक्षक एम. एस. वर्मा ने बताया कि सीतामऊ के 3 मुख्य बाजार में मकर संक्र्रान्ति की शाम को कपड़ा व्यापारी रामेष्वर पिता चन्दालालजी नीमा निवासी सीतामऊ के घर अज्ञात नकाबपोष बदमाषों द्वारा रात्रि 08.30 बजे की गई डकैती का पर्दाफाष करने में पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है। मकर संक्रान्ति की शाम को कस्बे में चहल पहल थी, शाम करीब 08.30 बजे फरियादी रामेष्वर पिता चन्दालाल नीमा उम्र 62 वर्ष बाजार से करीब 08.30 बजे अपने घर वापस लोटे थेे कि उनका मेन गेट खुला हुआ था। अचानक पांच बदमाष उम्र करीब 20-25 वर्ष काले रंग की जरकीन व चेहरे पर नकाब बांधकर घर के अन्दर प्रवेष कर गए। प्रवेष करते ही बदमाषो ने रामेष्वर नीमा की मंुह पर टेप चिपका कर दोनो हाथ प्लास्टिक की सुतली से बांध दिये तथा चाकू व देषी कट्टा निकालकर उनके पुत्र मनीष, पत्नी व बहू को धमकाते हुए चिल्लाने से मना किया व उनके भी हाथ रस्सी से बांध कर मंुह पर टेप चिपका कर कमरे में बंद कर दिया तथा फरियादी के पुत्र को कनपट्टी पर रिवाल्वर अड़ा कर उपर वाले कमरे मेे ले गए। अलमारी व बक्से के ताले खुलवाकर उनमे रखा माल सोने व चांदी के आभूषण व नगदी रूपये कुल 3,00,000/- (तीन लाख) का माल लूटकर भाग गये। फरियादी व उनके परिजन द्वारा छोटे बच्चे की मदद से चाकू से हाथ की रस्सी कटवाकर मुंह की टेप खुलवाकर पिछली खिड़की से बाहर निकल कर चिल्लाकर लोगो को एकत्रित किया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सीतामऊ संतोष दूधी तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एवं सुनील मेहता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मन्दसौर के मार्गदर्षन व निर्देषन मे अंगद सिंह राठौर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतामऊ ने भी घटना के तत्काल बाद सम्पूर्ण क्षैत्र मे सर्चिंग व चैकिंग प्रारम्भ करवाई, लेकिन बदमाषो को भागते हुए किसी ने नही देखा, जिससे पुलिस को संदेह हुआ कि बदमाष बाहर के न होकर स्थानीय कस्बे के ही होना चाहिए तथा पुलिस ने बारीकी से पूछताछ पूर्व अपराधियो एवं संदेहियो से करना प्रारंभ की। पुलिस डाॅग की भी मदद ली गई। सर्चिंग के दौरान पुलिस को अहम सुराग लगा कि घटना दिनंाक को दोपहर करीब 02.00 बजे फरियादी के घर के सामने पुराने खण्डहर बैंक की छत पर दो लड़के पतंग उड़ाने के बहाने चड़े थे, जबकि उक्त छत पर कोई भी आसानी से नहीं चढ़ सकता है। इसी दिषा में पुलिस द्वारा दर्जनो लोगो से पूछताछ कर पता किया तो पाया कि बैंक की छत पर संदिग्ध व्यक्ति अजहर पिता अजीज मुसलमान व शाहरूख पिता गुलषेर खंा छत पर चढ़े थें, जिनकेे द्वारा हड़भड़ाहट में छत पर ही ब्लेड, सुतली आदि छोड़ दी थी, जिससे पुलिस को पुख्ता सबूत मिल गए व उनको हिरासत मे लेेकर पूछताछ करने पर दोनो संदिग्धो द्वारा पुलिस को गुमराह करने की पूरी-पूरी कोषिष की गई व संदिग्ध अजहर द्वारा अपने बचाव में बताया कि घटना के तत्काल बाद लोगो की भीड़ एकत्रित हुई थी। उसमें स्वयं भी खड़ा होकर फरियादी की मदद व बदमाषो की तलाष करवा रहा था, जिसे पुलिस व कस्बे के लोगो ने देखा है तथा संदिग्ध ने अपने बचाव में अपनी उपस्थिति के संबंध में पूर्व से ही योजना बना रखी थी। ताकि उसके उपर शंका न हो, लेकिन बदमाष पुलिस को चकमा देने में नाकाम रहा । अन्ततः पुलिस की सख्ती के आगे उसने वास्तविक घटना बताई। अपना जुर्म कबूल किया कि दिन में अपने साथी शाहरूख के साथ पतंग उड़ाने के बहाने खण्डहर बैंक की छत पर से फरियादी के मकान की रैकी की तथा पूर्व से तैयार किये अपने साथी अनील पिता सत्यनारायण प्रजापत उम्र 20 वर्ष, दुष्यन्त उर्फ शंकर पिता भेरूलाल नाई उम्र 22 वर्ष निवासीयान सीतामऊ एवं चन्द्रषेखर पिता औंकार लाल माली निवासी लदुना के साथ मिल कर डकैती की योजना तैयार की थी। घटना के तत्काल बाद बदमाषों ने आरेापी अजहर के दादा काजुल खां के मकान के पास स्थित खण्डहर में माल का झोला छिपाकर तत्काल अपने कपड़े बदल कर 20 मिनिट में भीड़ में इकट्ठे हो गए तथा बदमाषो को तलाषने का बहाना कर पुलिस एवं लोगो को गुमराह करते रहे, लेकिन बदमाषों की योजना सफल नहीं हो सकी। लूटे गए नगदी रूपये करीब 25,000/- रूपये व 2,50,000 रूपये के सोने चांदी के जेवर बरामद किये गये है । घटना का पर्दाफाष करने में सुनील मेहता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मन्दसौर, अंगद सिंह राठौर, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतामऊ, संतोष दूधी निरीक्षक थाना प्रभारी सीतामऊ, एन.एस. मरावी उप निरीक्षक, आर0डी0षर्मा सहायक उप निरीक्षक, रउफ खांन सहायक उप निरीक्षक, आर. अजय चैहान, सम्मत सिंह, आषिष बैरागी, शैलेन्द्र सिंह, ओम प्रकाष, राजेष पुरोहित, बद्रीलाल, मुनव्वर शेख तथा आर. चालक संदीप का सराहनीय योगदान रहा। घटना का पर्दाफाष होने के बाद नगर वासियो में काफी उत्साह व खुषी का माहौल हैं।
25000 रूपये नगदी व 2,50,000 के जेवर बरामद
मंदसौर । जिला पुलिस अधीक्षक एम. एस. वर्मा ने बताया कि सीतामऊ के 3 मुख्य बाजार में मकर संक्र्रान्ति की शाम को कपड़ा व्यापारी रामेष्वर पिता चन्दालालजी नीमा निवासी सीतामऊ के घर अज्ञात नकाबपोष बदमाषों द्वारा रात्रि 08.30 बजे की गई डकैती का पर्दाफाष करने में पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है। मकर संक्रान्ति की शाम को कस्बे में चहल पहल थी, शाम करीब 08.30 बजे फरियादी रामेष्वर पिता चन्दालाल नीमा उम्र 62 वर्ष बाजार से करीब 08.30 बजे अपने घर वापस लोटे थेे कि उनका मेन गेट खुला हुआ था। अचानक पांच बदमाष उम्र करीब 20-25 वर्ष काले रंग की जरकीन व चेहरे पर नकाब बांधकर घर के अन्दर प्रवेष कर गए। प्रवेष करते ही बदमाषो ने रामेष्वर नीमा की मंुह पर टेप चिपका कर दोनो हाथ प्लास्टिक की सुतली से बांध दिये तथा चाकू व देषी कट्टा निकालकर उनके पुत्र मनीष, पत्नी व बहू को धमकाते हुए चिल्लाने से मना किया व उनके भी हाथ रस्सी से बांध कर मंुह पर टेप चिपका कर कमरे में बंद कर दिया तथा फरियादी के पुत्र को कनपट्टी पर रिवाल्वर अड़ा कर उपर वाले कमरे मेे ले गए। अलमारी व बक्से के ताले खुलवाकर उनमे रखा माल सोने व चांदी के आभूषण व नगदी रूपये कुल 3,00,000/- (तीन लाख) का माल लूटकर भाग गये। फरियादी व उनके परिजन द्वारा छोटे बच्चे की मदद से चाकू से हाथ की रस्सी कटवाकर मुंह की टेप खुलवाकर पिछली खिड़की से बाहर निकल कर चिल्लाकर लोगो को एकत्रित किया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सीतामऊ संतोष दूधी तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एवं सुनील मेहता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मन्दसौर के मार्गदर्षन व निर्देषन मे अंगद सिंह राठौर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतामऊ ने भी घटना के तत्काल बाद सम्पूर्ण क्षैत्र मे सर्चिंग व चैकिंग प्रारम्भ करवाई, लेकिन बदमाषो को भागते हुए किसी ने नही देखा, जिससे पुलिस को संदेह हुआ कि बदमाष बाहर के न होकर स्थानीय कस्बे के ही होना चाहिए तथा पुलिस ने बारीकी से पूछताछ पूर्व अपराधियो एवं संदेहियो से करना प्रारंभ की। पुलिस डाॅग की भी मदद ली गई। सर्चिंग के दौरान पुलिस को अहम सुराग लगा कि घटना दिनंाक को दोपहर करीब 02.00 बजे फरियादी के घर के सामने पुराने खण्डहर बैंक की छत पर दो लड़के पतंग उड़ाने के बहाने चड़े थे, जबकि उक्त छत पर कोई भी आसानी से नहीं चढ़ सकता है। इसी दिषा में पुलिस द्वारा दर्जनो लोगो से पूछताछ कर पता किया तो पाया कि बैंक की छत पर संदिग्ध व्यक्ति अजहर पिता अजीज मुसलमान व शाहरूख पिता गुलषेर खंा छत पर चढ़े थें, जिनकेे द्वारा हड़भड़ाहट में छत पर ही ब्लेड, सुतली आदि छोड़ दी थी, जिससे पुलिस को पुख्ता सबूत मिल गए व उनको हिरासत मे लेेकर पूछताछ करने पर दोनो संदिग्धो द्वारा पुलिस को गुमराह करने की पूरी-पूरी कोषिष की गई व संदिग्ध अजहर द्वारा अपने बचाव में बताया कि घटना के तत्काल बाद लोगो की भीड़ एकत्रित हुई थी। उसमें स्वयं भी खड़ा होकर फरियादी की मदद व बदमाषो की तलाष करवा रहा था, जिसे पुलिस व कस्बे के लोगो ने देखा है तथा संदिग्ध ने अपने बचाव में अपनी उपस्थिति के संबंध में पूर्व से ही योजना बना रखी थी। ताकि उसके उपर शंका न हो, लेकिन बदमाष पुलिस को चकमा देने में नाकाम रहा । अन्ततः पुलिस की सख्ती के आगे उसने वास्तविक घटना बताई। अपना जुर्म कबूल किया कि दिन में अपने साथी शाहरूख के साथ पतंग उड़ाने के बहाने खण्डहर बैंक की छत पर से फरियादी के मकान की रैकी की तथा पूर्व से तैयार किये अपने साथी अनील पिता सत्यनारायण प्रजापत उम्र 20 वर्ष, दुष्यन्त उर्फ शंकर पिता भेरूलाल नाई उम्र 22 वर्ष निवासीयान सीतामऊ एवं चन्द्रषेखर पिता औंकार लाल माली निवासी लदुना के साथ मिल कर डकैती की योजना तैयार की थी। घटना के तत्काल बाद बदमाषों ने आरेापी अजहर के दादा काजुल खां के मकान के पास स्थित खण्डहर में माल का झोला छिपाकर तत्काल अपने कपड़े बदल कर 20 मिनिट में भीड़ में इकट्ठे हो गए तथा बदमाषो को तलाषने का बहाना कर पुलिस एवं लोगो को गुमराह करते रहे, लेकिन बदमाषों की योजना सफल नहीं हो सकी। लूटे गए नगदी रूपये करीब 25,000/- रूपये व 2,50,000 रूपये के सोने चांदी के जेवर बरामद किये गये है । घटना का पर्दाफाष करने में सुनील मेहता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मन्दसौर, अंगद सिंह राठौर, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतामऊ, संतोष दूधी निरीक्षक थाना प्रभारी सीतामऊ, एन.एस. मरावी उप निरीक्षक, आर0डी0षर्मा सहायक उप निरीक्षक, रउफ खांन सहायक उप निरीक्षक, आर. अजय चैहान, सम्मत सिंह, आषिष बैरागी, शैलेन्द्र सिंह, ओम प्रकाष, राजेष पुरोहित, बद्रीलाल, मुनव्वर शेख तथा आर. चालक संदीप का सराहनीय योगदान रहा। घटना का पर्दाफाष होने के बाद नगर वासियो में काफी उत्साह व खुषी का माहौल हैं।

