Published On:Sunday, January 5, 2014
Posted by NJFI media
लोक प्रिय सरकारे गठित हो
उज्जैन। देश की राजनीति और राजनैैतिक दल, चरित्रहीन, कुव्यवस्था पोषक धन व पॅंूजी पतियों के बंधुवा मजदूर और सत्ता सुन्दरी के दीवान है। सत्ता सुन्दरी का अपहरण, सभी का लक्ष्य है किसी भी दल को देशनीति से कोई सरोकार नहीं। राजनीति का अपराधीकरण हो गया है। जनता नेताओं को राजनीति के विश्वासघाती व चरित्रहीन पण्डे और गुण्डे मान रही हैं कोई भी दल बिन सत्ता के चैन से नहीं बैठ सकता। कांगे्रस हो या भाजपा सभी को सत्ता चाहिए। नंगे, भूखे लोगों पर शाही प्रजातंत्र थोपा जा रहा है। जनता को भिखारी मान रहे, संभ्रांत भिखारी। सत्ता सुन्दरी का चीरहरण सभी का लक्ष्य जनता को शर्म आ रही, किन्तु नताओं एवं दल को नहीं।
जनता का सुझाव है कि घिनौनी राजनीति की समाप्ति हेतु केन्द्र व प्रदेशों में दलीय प्रतिनिधि आनुपातिक आधार पर लोकप्रिय सरकारे गठित हो। उपरोक्त व्यवस्था को संवैधानिक मूर्तरूप देने हेतु महामहिम विशेष पहल करें। राजनीति के पण्डे गुण्डे व नाटकबाजों से मुक्ति का उपरोक्त एक मेव मार्ग ह। अण्णा हजारे अमिता राय व अन्य राजनैतिक चितक भी उपरोेक्त जनसुझाव पर विचार कर अपनी राय दे। जो जनता चाहती है वही व्यवस्था देश को होना चाहिए। सभी नेता व दल तो सत्ता स्वादु सुविधा भोगी चंदेबाज व धनखोर जनता का विश्वास उनमें तनिक नहीं है। लोकसभा चुनाव 2014 में त्रिशंकु स्थिति रहेगी। अतः केन्द्र व प्रदेशों में लोकप्रिय सरकारे गठित होना अनिवार्य है।



