Published On:Monday, January 6, 2014
Posted by NJFI media
करोड़ांे की ठगी के चहरों पर पुलिस मेहरबान क्यों है?
उज्जैन। आय.डी. के नाम पर करोडों की ठगी की गई। ठग मस्ती में है और प्रभावित परेशान। ठगी कांड मं पुलिस के चंद लोग बहती गंगा में हाथ धो रहे है। मामला अतिरोचक है। पृथ्वी के फंेचजाईसेस गोयल को 9 करोड रूपए का भुगतान करना है, किन्तु गोयल पुलिस को चकमा देकर बचता रहा है। आयडी धारकों के कार्य का साफटवेयर भी समाप्त कर दिया है। पुलिस कप्तान और आयजी गोयल को तुरंत हिरासत करे तथा 9 करोड का भुगतान उससे करवाये। गोयल की चल अचल संपत्ति राजसात की जाये।
शातिर आहुजा को तो पुलिस मेहमान की तरह खातिर कर रही हैं रिमांड में हाथ तक नहीं लगाया। आहुजा की गाडी, 5 प्लाटस व मकान भी जप्त करने की कार्यवाही तक नहीं की। आहुजा के अनेक दलालों को भी नहीं पकडा गया। आयजी व पुलिस कप्तान ही शक्तिसिंह आहुजा व गायल पर कार्यवाही करे। विद्या जैन सुराना काम्प्लेक्स पर भी पुलिस ने भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की। मामला करोडों की ठगी का है और पुलिस इस कांड की गंभीरता से नहीं ले रही है। राजेन्द्र साबू पर प्रभावित कठोर कार्यवाही की मांग कर रहे है। गृहमंत्री को भी मामले का संज्ञान है वे भी कठोर कार्यवाही के पक्षधर है तथा उज्जैन पुलिस को निर्देश भी दे रहे है।
पुलिस कप्तान तो कठोर कार्यवाही कर सामाजिक न्याय दिलवाना चाहते है, किन्तु ठगों के मददगार पुलिसकर्मी अनुराग जी की भावनाओं की हत्या कर रहे ह।
पुलिस कप्तान शक्तिसिंह आहुजा का रिमांड स्वंय ले। उनकी चल अंचल संपत्ति राजसात करें। गोयल, साबू और विद्या जैन को भी हिरासत करे। उनसे सभी प्रभावितों को उनकी राशि के चेक स्वंय भी उपस्थिति में दिलवाय। गृहमंत्री गौर और डीजीपी नंदन दुबे, स्वंय उज्जैन आकर पुलिस कार्यवाही की समीक्षा करे। कोतवाली मं ठगों के सहयोगी व संरक्षक कौन है पुलिस कप्तान खुफिया जाॅंच कराये। एक ठग खत्री भी पुलिस हिरासत से दूर है।पुलिस कप्तान व आयजी त्वरित कार्यवाही आज ही करें।


