Published On:Sunday, January 12, 2014
Posted by NJFI media
संघ के सभी समीकरण गणित और सत्ता अपहरण के षडयंत्र ध्वस्त
उज्जैन। पॅंूजीपतियों उद्योगपतियो, कालेधन कुबेरो कारपोरेट जगत के दल्ले मोदी को अपना मुखौटा बनाकर सत्ता अपहरण के समीकरण, गणित बनाये थे संपने सजाये थे वे सभी ध्वस्त हो रहेहै। राजग पूर्ण रूपेण बिखरा दिल्ली की सत्ता भी नहीं हाथ आईऔर देश के अधिकांश राज्यों में नाजीवादियों के प्रायोजित कार्यक्रमों व लोकप्रियता के रहस्य उजागर हुए। देश में पंथ निरपेक्ष ताकतों ने खुलकर विरोध किया। आप पार्टी ने संघ, मोदी और भाजपाको आसमानदिखाया। अब भाजपा संघ व मोदी गंग बहुआयामी हथकंडे से देश के नव निर्माण प्रतीक आपको ध्वस्त व तबाह करने हेतु षडयंत्र रच रही है, किन्तु जनता पर कुप्रचार का कोई असर नहीं हो रहा। जन चेतना का काम कर रहे थे। जनता भी संघ में अप्िरय स्थिति में नजर आ रहा है। नजात भी संघ के डीएनए व जिंस से परिचि हो चुकी हैं मोहभागवत को
स्मृत करा द की एनजेएुआई ने मोदी को संघ व भाजपा के लिए
आत्मघाती मानव बम बताया था। अब मोहन भागवत को भी
महसूस हो रहा हैं।
26 जनवरी तक आम आदमी की सदस्य संख्या 1 करोड से
अधिक हो जायेगी। चुनाव आते आते यह संख्या और बढेगी।
आपने दिल्ली से भाजपा व कांगे्रस को आउट कर दिया है मई में सत्तावादी षडयंत्र से भी भाजपा बाहर हो जायेगे। आप पार्टी 60 से 90 प्रतिशत स्थानों पर अपनी जीत दर्ज करायेगी। बिना आपके केन्द्र में कोई भी गठबंधन सरकार नहीं बना पायेगा। आप किंग मेकर की स्थिति मं होगी। संघ व भाजपा लोक अविश्वास की आग में जल रहे है। मोदी रूपी पेटोल उस आग को और भयावह बना रहा हैं।दिग्गज भाजपाई कांगे्रसी तथा 80 प्रतिशत वंचितां वर्ग आपकी जमीन बन रहा है। दक्षिण पंथी कांगे्रस भाजपा का कंकाल थी कम्पित स्थिति में हैं।
चिंतन करे। क्या संघ अब देश मंे अपनी प्रासंगिता मानता है।
संघ में शुचिता पावनता लक्ष्यवादिता, सेवाभाव, निष्काम कर्म
लोकउद्धार व नियति श्रृगांर सूफीवादी आध्यात्म व स्वामी
विवेकानंद के सिद्धांतों विचारों व निर्णयों को मूर्तरूप देने की
उर्जा है। संघ के कट्टरपंथी ने तो स्वामी विवेकानंद को भी
हाशिये पर डाल दिया है। आप आदमी की भावनाओं व
अर्थव्यवस्था के शप पर बैठकर संघ तो सत्तावादी, धनवादी व
भूमिवादी शव साधना ही कर रहा हैं।
आप जन भावनओं से सरोकार देश के नव निर्माण व्यवस्था महापरिवर्तन एवं समग्र क्रान्ति का आंदोलन है, हर हाथ में झाडू है और देश को लूटने सभी शातिर लूटेरों व डकैतों के सफाये का संकल्प है। संघ तो सफेद पोश दो टांगों वाले सफेद हाशियों का कांजी हाउस ही बना हुआ है। इन्ही सफेद हाथियों ने संघ को विकृत स्थितियों मंे ला दिया है। अब आम आदमी देश में प्रासंगिक भाजपा कांगे्रस नहीं। मोहन भागवत शातिर यूटर्न लेने में सिद्ध हस्त है। वे यू टर्न अवश्य ही लेगे। समय चक्र भी उसी दिशा में चल रहा हैं।
मोहनभागवत स्वंय का संघ तथा भाजपा की स्थिति पर गहन


