Published On:Monday, January 6, 2014
Posted by NJFI media
शिवराज जनता की नजरों से उतरे
उज्जैन। म.प्र. के मुखिया शिवराज अब जनता की नजरों से उतर ही गए। आप की तीन दिन की दिल्ली सरकार ने जनता को निःशुल्क पानी और सस्ती बिजली देने का वायदा पूरा किया। सरकारी स्कूल की स्थिति सुधारने की पहल कर दी। झुग्गीवासियों को मकान बनाकर देने की घोषणा की दी। सादगी पूर्ण जीवन यापन और व्यवस्थापिकी और कार्यपालिकी व्यय भी नाम मात्र कर दिया लालबत्ती पर अंकुश भी लगा दिया। इसी चरित्र के कारण अनेक प्रदेशों में आपकी सदस्यता लाखों में हो गई। जेटली को भी कहना पडा की भाजपाई आप से सबक सीखे और आत्म चिंतन करें।
घोषणावीर अराजकतासिंह कर्ज प्रिय अपने मंत्रियों से 10 मिनीट में 100 दिन का कार्य विवरण जानने में व्यवस्था है। जनता मांग कर रही है निःशुल्क पानी दे। वर्तमान बिजली दर में 50 प्रतिशत की कमी करो, उर्जा ईधन पर वेटकर शून्य करो, निजी शिक्षण संस्थाओं की लूट व डकैती बंद करो, बडे-बडे घोटालों की जाॅंच सीबीआय से कराओं न्यासों व उद्योग पतियों को दी गई जमीन वापस लो, म.प्र. को कर्ज प्रदेश बनाना बंद करो, अनुत्पादक व्यय करना बंद करो विज्ञापनों पर धन बहाना बंद करा,े प्रत्येक विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त करो पुलिस का आचरण सुधारा। रायल्टी चोरी रोका। कार्यपालिकी और व्यवस्थापिकी खर्च में 70 प्रतिशत की कमी करो। उर्जा ईधन बचाओं। बीओटी व फोरलेन टोल टेक्स व्यवहारिक बनाओ। जो सरकार के कर्तव्य है उन्ही वीओटी में करवा रहे ही जनता से टेक्स वसूल रहे हो। वेटकर के नाम पर झोपडी से लेकर सम्पन्नों तक को अभी तक खूब लूटा है। अब जनता भी शातिर से लूट से परिचित हो चुकी है। जनता शिवराज को विश्वासमत देकर पछता रही है। शिवराज जनता की निगाह से उतर चुके है। लोकभा चुनाव में जनता भाजपा कांगे्रस को नहीं, आपको ही विश्वासमत देगी। सत्ता उन्माद में शिवराज जनभावनाओं की उपेक्षा कर रहे है जन मांगों को रद्दी के टोकरे में डाल रही है। भाजपाई मंत्री व कार्यकर्ता महालूट के ताने बाने बुन रहे ह। मंत्रियों ने अपनी अपनी गेंग को सक्रिय कर दिया है।
अब शिवराज लहर समाप्त हो चुकी है। जनता स्पष्ट कह रही है की शिवराज सरकार ने सभी को लूटा है, प्रदेश को भारी कर्जदार बनाकर, सत्ता का खूब घी पिया है अब जनता शिवराज को धिक्कार रही है क्यों की उनकी असलियते सामने आ रही है। अब जनता ही कह रही है शिवराज तो कंस मामा निकले। अब जनता आक्रोशित है। एनजेएफआई को जनता व आप बधाईयाॅं दे रहे लोक कल्याणी सुझावों की प्रस्तुति हेतु जनता की मांगे तुरंत स्वीकारो या पद से हटा जाओ।


