Published On:Friday, January 31, 2014
Posted by NJFI media
आप की चुनावी हिट लिस्ट
नई दिल्ली [मुकेश केजरीवाल]। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ही नहीं संप्रग सरकार के सभी अहम मंत्री अब आम आदमी पार्टी (आप) के निशाने पर होंगे। आप ने तय किया है कि अगले लोकसभा चुनाव में इसका जोर इन्हें चुनावी शिकस्त देने पर होगा। इसी तरह भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी सहित दूसरी पार्टियों में भी यह अपने मुख्य 'शिकार' की पहचान कर लिस्ट तैयार कर रही है। बहरहाल, पार्टी लगभग 350 सीटों पर लड़ने की तैयारी में है। सात-आठ फरवरी तक उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होगी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को हराने के लिए पुरजोर कोशिश करने का पहले ही एलान कर चुकी आप ने अब संप्रग सरकार के दूसरे मंत्रियों से भी सीधी भिड़ंत करने की घोषणा कर दी है।
अगले चुनाव में संचार मंत्री कपिल सिब्बल, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, वित्ता मंत्री पी. चिदंबरम, पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री फारुक अब्दुल्ला उनके निशाने पर सबसे ऊपर होंगे। हालांकि सिब्बल और खुर्शीद के अलावा दूसरे नेताओं के लिए पार्टी ज्यादा मुश्किल खड़ी करने की स्थिति में नहीं। मगर इसका मुख्य लक्ष्य इसी बहाने अपनी पहचान एक ऐसी पार्टी के रूप में बनाने की है जो किसी भी बड़ी ताकत से लड़ने को तैयार है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में तब की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को सीधे चुनौती देना केजरीवाल के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ था।
ये सभी वे नेता हैं जिन्हें अरविंद केजरीवाल दो साल पहले ही दागी बता चुके हैं। आम आदमी पार्टी के गठन से पहले ही उन्होंने वर्ष 2012 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित तब के 15 केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इनकी जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग की थी। केजरीवाल की चार्जशीट में शामिल रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कुछ समय पहले ही राज्यसभा में दोबारा चुने गए हैं, तब के वित्ता मंत्री प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति बन चुके हैं। इसी तरह वीरभद्र सिंह हिमाचल के मुख्यमंत्री हैं, एसएम कृष्णा राज्यसभा में हैं और विलासराव देशमुख दिवंगत हो चुके हैं।
पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद इसके नेता संजय सिंह ने कहा कि इस बार चुनाव में पार्टी के लिए राजनीति का अपराधीकरण और भ्रष्टाचार सबसे अहम मुद्दा होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संसद में 73 सांसदों के खिलाफ बेहद गंभीर आरोप हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें किन-किन को पार्टी टक्कर देने की कोशिश करेगी।


