Published On:Wednesday, January 29, 2014
Posted by NJFI media
सोनिया ने धर्मनिरपेक्ष तानेबाने पर दिया जोर
अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वकालत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने को कमजोर कर रही ताकतों के खिलाफ जनता को सचेत किया और कहा कि छोटी, स्थानीय घटनाओं को लेकर सांप्रदायिक सौहार्द नहीं बिगड़ना चाहिए।
राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम के उद्घाटन के अवसर पर अपने भाषण में सोनिया ने कांग्रेस पार्टी के
धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को भी रेखांकित करने का प्रयास किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि सांप्रदायिक हिंसा विधेयक जल्द ही संसद में रखा जाएगा और कहा कि इसका उद्देश्य सामाजिक मेलजोल और राष्ट्र की धर्मनिरपेक्ष विरासत की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा करना और उसे आगे बढाना सरकार की जिम्मेदारी है। यह सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है कि अल्पसंख्यकों को बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि अलपसंख्यक सुरक्षित महसूस करें और कानून व्यवस्था तंत्र पर उनका भरोसा हो। हमें उन शक्तियों के प्रति सचेत रहना चाहिए जो भारत की धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करती हैं। मुजफ्फरनगर दंगों का प्रकट रूप से उल्लेख करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छोटी, स्थानीय घटनाओं के चलते सांप्रदायिक सौहार्द नहीं बिगड़े और उन्हें बिना किसी पक्षपात के इन घटनाओं से सख्ती से निपटना चाहिए।


