Published On:Thursday, January 9, 2014
Posted by NJFI media
कांगे्रेस भाजपा मिल कर चुनाव लड़े
उज्जैन। कांगे्रस और भाजपा का अकेले के दम पर सत्ता में आना संभव ही नहीं। राजग घटक भी अब भाजपा नीति से दूर हुए, कांगे्रसनीत संप्रग से भी दल नाता तोड रहे। कांग्रस और भाजपा दक्षिण पंथी है तथा एक दूसरे की कार्बन काॅपी है। आरोप प्रत्यारोप की नाटक नौटंकी करती है और सत्ता की खीर खाती है। अब अपने अस्तित्व हेतु लोकसभा चुनाव मिल कर ही लड़ेे,ऐसा सुझाव जनता कर रही ह। सिकिम्म चुनाव में ऐसा हो चुका है। समाजवादी वामपंथी प्रगतिशील दल भाजपा के साथ कभी नहीं हो सकते। कांगे्रस भाजपा साथ साथ हो सकती है। जनसोच व सुझाव गलत है। आपके प्रभाव के कारण, विचित्र स्थिति भी आ सकती हें।


