Published On:Monday, February 3, 2014
Posted by NJFI media
1 कराड का हार और गडकरी
उज्जैन। देश का हर नेता जनता व मीडिया की स्मृति को बेहद कमजोर व भूल जाने वाला समझता है। केजरीवाल की सूची में गडकरी का नाम आया तो वे बिफरे केजरीवाल को नोटीस दिया। गडकरी याद करे की सूरत के कारपोरेट जगत ने बेश किमती हार उपहार में दिया था। वही हार उन्होंने मोदी को दिया था। उस हार की कीमत 1 करोड रूपया आकी गई थी। हार कांड समाचारों में भी छपा हैं।
कारपोरेट जगत ने गडकरी को किमती हार भेंट क्यों किया वह हार उन्होंने मोदी को भेट क्यों किया, हार के बदले हार का उपहार क्यों दिया प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से ही खुला भ्रष्टाचार ही है। केजरीवाल के खिलाफ सेक्शन 500 की धारा के अन्र्तगत मानहानि का प्रकरण लगाया व चलाया तो वह प्रथम दृष्टि में ही व्यर्थ सिद्ध हो जायेगा, महाराष्ट सिंचाई घोटाले में भी गडकरी का नाम उछाला था।
नेता और भ्रष्टाचार व धनखोरी का चोली दामन जैसा साथ होता हैं।


