Published On:Thursday, February 27, 2014
Posted by NJFI media
प्रकृति की कोप लीला
उज्जैन। समूचे विश्व में प्रकृति की कोप लीला जारी है कही हिम लोक की स्थिति बनी, प्रतिदिन भूकम्प आ रहे है ज्वालामुखी फट रहे है सामूहिक मुत्यु का दौर चल रहा है आत्म हत्याओं में वृद्धि हो रही है पृथ्वी का वायुमण्डल प्रदूषित हो रहा, नियति चक्र ही बदल रहा है बेमौसम वर्षा व ओलावृष्टि हो रही है। नियति की कोप लीला जारी रहेगी, दोषी हम अत्याचारी है मालवा निमाड में प्रकृति कोष से करोडों का नुकसान हुआ अब कोहराम मच रहा है। अपराध हजारां किए दण्ड भी भोगे। पृथ्रावी


