Published On:Friday, February 14, 2014
Posted by NJFI media
शिवराज द्वारा अनुत्पादक व्यय की नौटंकी जनकोष के दुरपयोग के अपराधी सिद्ध
उज्जैन। शिवराज अपने आपको लोकमसीहा व विकास पुरूष जता रहे है किन्तु अपने दुष्कृत्यों पर आत्मचिंतन का समय उनके पास नहीं। नकारात्मक विकास, जनकोष का अनुत्पादक व्यय, समीक्षा व प्रशासकीय क्षमता का अभाव शिवराज के नकारात्मक पहलू है। श्रेष्ठ कृषि कर्मण का पुरूस्कार मिला देशभर में यश फैला। सभी समाचार पत्रों में छपा, चेनल्स पर प्रसारित भी हुआ। म.प्र. गौरंवित हुआ। सब कुछ होने के बाद भी प्रशंसा में पूरे पूरे पृष्ठों के विज्ञापन भी जारी किए। करोडों का व्यय भी हुआ। क्या शिवराज ने यह कभी सोचा की फर्जी प्रसार संख्यावाले समाचार पत्रां को विज्ञापन दिए है क्या उसकी संख्या में उनका स्वप्रचार विज्ञापन छपा भी है। घोषित प्रकार संख्या में विज्ञापन छपते तो सडके अखबार मयी नजर आती है।
शिवराज का यह कृत्य शातर है अप्रत्यक्ष भ्रष्टाचार व मीडिया मैनजेंमेंट का एक हिस्सा है। इस शातिर षडयंत्र की जांच कौन करेगा शिवराज ही बताये। एनजेएफआई ने तो सत्य सामने रख दिया है। शिवराज जनता को मूर्ख समझने की नादानी न करें।


