Published On:Saturday, February 22, 2014
Posted by NJFI media
कांगे्रसी दिग्गज भी निराशा में राहुल का साथ छोड रहे क्यों?
उज्जैन। दिल्ली में केन्द्रिय कांगे्रस कार्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में दिग्गज नेता हताश नजर आये। संभवता भावि पराजय नेता हातश नजर आयेग। राहुल गांधी ने सभी के चेहरों की इबारते पढी व बाडी भाषा का अध्ययन करते हुए कहा की अभी भी समय है हम जीत सकते है, किन्तु किसी भी दिग्गज नेता ने राहुल के स्वर से स्वर नहीं मिलाया दिग्गज कांगे्रस ने अवसरवादी व स्वार्थी निकले। अब राहुल गांधी को नई नीति अपना ही होगी। देश में सभी कांगे्रस के एकीकरण की पहल करे, पंथ निरपेक्ष ताकतों से तालमेल करे, जनता परिवार व समाजवादी ताकतों के साथ ताल मल करे, पंथ निरपेक्ष ताकतों की आलोचना की बजाय सामजस्य की नीति अपनाये। नाजीवादियों से डरने की जरूरत नहीं है। वामपंथी व समाज ताकते बहुत मजबूत है व अनेक नेता है। मक्कार कांगे्रसियों से सर्तक रहने की जरूरत है आप पार्टी से परहेज की बजाय मंत्री भाव रखे।


