Published On:Thursday, February 27, 2014
Posted by NJFI media
पुलिस बोली- हमने किया सुब्रत रॉय को गिरफ्तारी, सहारा की ओर से सरेंडर का दावा
लखनऊ. खुद को सहारा इंडिया परिवार का प्रबंध कार्यकर्ता और मुख्य अभिभावक कहने वाले समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय शुक्रवार को आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गए। पुलिस का कहना है कि उन्हें गिरफ्तार किया गया है, जबकि रॉय की ओर से सरेंडर किए जाने की बात कही जा रही है।
कैसे हुआ यह?
सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश नहीं होने पर सुब्रत रॉय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। इसे रद्द करने के लिए रॉय ने याचिका भी दी। लेकिन, श्ाुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट रद्द करने की रॉय की याचिका पर सुनवाई नहीं की। गुरुवार को यूपी पुलिस भी उनकी गिरफ्तारी के लिए लखनऊ स्थित उनके घर पहुंची थी। ऐसे में उन पर काफी दबाव था।
लखनऊ में गिरफ्तारी, दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस
रहस्यमय कारोबारी समूह क्र प्रमुख सुब्रत रॉय के बेटे सीमांतो रॉय ने दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तारीखवार पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता सु्प्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक यूपी पुलिस को सहयोग कर रहे हैं। सहारा परिवार के बारे में कुछ लोगों द्वारा गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सुब्रत रॉय ने स्वेच्छा से लखनऊ पुलिस के सामने सरेंडर किया है। सहारा परिवार ने हमेशा ही देश की प्रतिष्ठा को कंपनी से ऊपर रखा है।
सीमांतो ने बताया कि उनके पिता दिल्ली आए थे और वकीलों से मिले थे। लेकिन, उसी शाम उन्हें उनकी मां की तबीयत काफी खराब होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्हें लखनऊ लौटना पड़ा। उन्होंने इस बात की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को भी दी थी। इसके बावजूद कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया। गुरुवार की रात जब वह घर पहुंचे तो उन्हें घर पर पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिली। तब शुक्रवार सुबह उन्होंने सरेंडर कर दिया।
लेकिन, एसएसपी प्रवीण कुमार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में वारंट रद्द करने की अर्जी मंजूर नहीं होने के बाद लखनऊ पुलिस ने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को गिरफ्तार कर लिया।
रॉय की सफाई
गुरुवार को यूपी पुलिस की टीम के सर्च ऑपरेशन के बाद सुब्रत रॉय ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए सफाई दी। इसमें उन्होंने कहा कि गुरुवार की शाम को मैं सहारा शहर में नहीं था। मां की बीमारी के संबंध में डॉक्टरों के एक पैनल से सलाह लेने के बाद अपने वकील से मिलने गया था।
उन्होंने बताया कि मुझे पारिवारिक सदस्यों द्वारा पता चला कि पुलिस घर आई थी और उन्होंने मीडिया से कुछ कहा, जिसके बाद देश भर का मीडिया मुझे भगोड़ा घोषित करने पर तुला हुआ था।
मैं भागने वालों में से नहीं हुं, कानून का पालन करने वाला देश का सच्चा नागरिक हूं। मैं ऐसी चीजों को कभी पसंद नहीं करता।

