Published On:Thursday, February 13, 2014
Posted by NJFI media
संसद में घिनौनी नौटंकी
संसद में जो हंगामे हो रहे है वे अति शर्मदायक व घिनौने है। संसद और प्रजातंत्र कंलिकत हो रहा है किन्तु राजनीति के पण्डे और गुण्डे, हंगामे को अपना शौय व महा देशभक्ति का कार्य ही मान रहे है। लोकसभा व राज्य सभा अध्यक्ष भी हंगामे सहन कर रहे है व्ही सभी दल अपनी राजनैतिक रोटिया सेक रहे है। संसद की गरिमा ही समाप्त कर दी हुडदंगी सांसदों ने। गुरूवार को तेलगाना बिल के खिलाफ आंध्र के सांसदों ने जो व्यवहार किया वह प्रजातंत्र पर अमिट कलंक है। सदन में हंगामे करना मिर्ची के स्प्रे छोडना है। बिल की प्रतिया फाडना सब कुछ हुआ। संसद के अध्यक्षों व सभी दलों के तीव्र भाषणा देना और हंगामेबाज सांसदों पर चुनाव लडने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से स्वीकार किया जाना चाहिए। अभिव्यक्ति की नकारात्मक आजादी संविधान के विपरीत है।
हंगामे बाज सांसदों की अपराध अक्षम्य हैं।
हंगामे बाज सांसदों की अपराध अक्षम्य हैं।


