Published On:Tuesday, March 4, 2014
Posted by NJFI media
फसलों के भारी नुकसान का कोहराम मण्डीयों में गेहूू की भारी आवक कहा से
उज्जैन। असामाजिक वर्षा व आलेावृष्टि से फसले प्रभावित। हुईं म.प्र. सरकार, विपक्षी दल जन प्रतिनिधि घडियाली आॅंसूबहा रहे है भारी भरकम मुआवजे हेतु सेर्वे चल रहा हैं प्राकृतिक कोप लीला पर राजनीति ो रही है नेता समाचारों की सुखिर्या बन रहे है। म.प्र. सरकार ने 2 हजार करोड की मुआवजा राशि स्वीकृति की।
केन्द्र से 7 हजार करोड मांगे, करोडो का नया कर्ज भी लिया। वास्तविक नुकसान कितना हुआ, सरकार, प्रशासन व किसान तक बताने में अक्षम। पटवारियों की चांदी। नुकसान कुछ भी नहीं फिर भी नुकसान की रपट।
जब फसले ही चैपट हो गई तो मण्डी में गेहॅंू की बम्पर आवक कहा से हो रही, अच्छे गेहॅंू में तलबडलिये गेहू का मिलावट कौन कर रहा और कहाॅं से हो रही है अच्छे गेहॅंू में 10 प्रतिशत दागी गेहॅंू कौन मिला रहा। कही ऐसा तो नहीं की पीडीएस का गेहॅंू मण्डियों में आ रहा या किसान ही गेहॅंू मण्डी में ला रहा।
वर्षा व ओलावृष्टि से गेहॅंू की चमक अवश्य प्रभावित हुई है वह दागी की हुआ है। वही गेहॅेू सरकार को बेचा जायेगा। समर्थन मूल्य पर। 2 से 4 हजार करोड का मुआवजा भी बटेगा ही । म.प्र. सरकार 7 हजार करोड का कर्ज ले रही हैं। केन्द्र से भी 50 से 1 हजार मिलेगा ही।
मिलावट, वर्षा व ओलावृष्टि के नाम पर धनखोरी व शातिर बेईमानी सभी करेगे।
वर्षा व ओलावृष्टि से मात्र फसलों के गुणात्मक नुकसान अवश्य हुआ हैं।


