Published On:Sunday, March 30, 2014
Posted by NJFI media
भ्रष्टाचार व असमानता समाप्ति हेतु अमीरी की सीमा रेखा तय हो
उज्जैन। भ्रष्टाचार, घोटाले, कालेधन, गरीबी व आर्थिक असमानता के नाम पर राजनीति के पण्डे व गुण्डे 80 प्रतिशत वंचितों को मूर्ख बनाते रहेहै। 20 प्रतिशत सम्पन्नो को देश की अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक साधनों सत्ता था देश काला हो रहा है संसद से लेकर सडकों पर कोहराम मचा हुअ है, किन्तु समस्या का समाधान प्रस्तुत करने की बजाय राजनीति हो रही है।
देश की 80 प्रतिशत जनता मांग कर रही है कि देश में गरीबी की नहीं अमीरी की सीमा रेख तय हो उसकी इकाई परिवार हो। चाहे वह विभ्क्त हो या संयुक्त अतिशेष चल अचलसंपत्ति राष्टीय संपित्त मानी जाये वउसका उपयोग विकास व आर्थिक असमानता समाप्ति हेतु दिया जाये जो भी परिवार या व्यक्ति उपरोक्त व्यवस्था को तोडे उसकी चल अचल संपत्ति राजसात की जाये व उसे आजीवन कृष्ण मंदिर में रखा जाये देश की कृषि भूमियाॅं बचाने व गौरख ध्ंांधे समाप्त करने हतु भू स्वामीत्व का मौलिक अधिकार समाप्त किया जाये। भूमि स्वामी देश रहेगा, सभी पट्टेदार रहेगे। इस व्यवस्था से मातृभूमि का क्रय-विक्रय स्वतः होगा।
यह व्यवस्था साम्यवाद नहीं अपितु बिना साम्यवाद लागू किए स्वर्णिम समातमूलक, समाजवादी व्यवस्था स्थापना का कदम होगा। महामहिम जन भावना व विचारों का सम्मान कर नव क्रांतिकारी सुव्यवस्था स्थापित करें।


