Published On:Tuesday, March 4, 2014
Posted by NJFI media
और कितना कर्ज करोगे शिवराज
उज्जैन। शिवराज का विश्वास चाखाक के सिद्धांत में हं खूब कर्ज करो व घी पीयों पा्रकृतिक आपदा की आड में 7 हजार करोड का और ना कर्ज ले रहे ै। पले ही 99 हजार करोड से अधिक का कर्ज म.प्र. सरकार पर है। बजट का 18 प्रतिशत से अधिक तो ब्याज में जाता है और 20 प्रतिशत से अधिक अनुत्पादक व्यय में। मात्र 60 प्रतिशत बजट में ही सब कुछ करना पडता है। उस बजट में भी 30 से 35 प्रतिशत भष्टाचार की भेट चढ जाता है, कैसे योजना लक्ष्य पूरे होगे शिवराज नकारात्मक है। जनता के भावनात्मक ठगी उनका मुख्य चरित्र है। अनुत्पादक व्यय शून्य करना उर्जा ईधन पर वेट कर शून्य करने, शराब, सिगरेट, विकसित वस्तुओं पर वेट कर 2000प्रतिशत करने की हिम्मत शिवराज में नही। कर्ज करो खूब हवा में उडो व घोषणाएं करो, शिवराज का चरित्र है। शिवराज का चरित्र हैं शिवराज ने प्राकृतिक आपदा में 4 हजार करोड का नुकसान बताया तो 7 हजार का कर्ज क्यों लिया जा रहा है। शिवराज ही बताये। सरकार सडकों पर झूठ समारोह निकाल रही हैं। शिवराज ही बताये। सरकार सडकों पर, झूठे समारोह विज्ञापनों होडिग्स पर करोडों के अनुत्पादक व्यय क्या उचित ळै। शिवराज म.प्र. जनकोष के दुपयोग के अपराधी हैं।


