Published On:Wednesday, March 26, 2014
Posted by NJFI media
संघ सक्रिय ने राजनीति में व्यक्ति पूजा ही देश पूजा मान
उज्जैन। महात्मा गांधी की हत्या के बाद सरदार पटेल सेंघ पर प्रतिबंध लगाना चाहते थ्े। वे जानते थे कि कोलकणी ब्राम्हणों का समूह अपनी रजनीति देश पर थोपेगा और एक और बडे विभाजन को मूर्तरूप देगा। यह समूह काली आखों वाले ब्राम्हणों को भी दोयम दर्जे का मानता है। गौरी चमडी व मंजरी आंखों वाला ही संघ प्रमुख होगा। यह संघ का संविधन है लोह पुरूष पटेल की कठोरता से संघ परिचित था और देश में कभी सक्रिय राजनीति ने करने का लिखित वचन भी दिया था। फिर भी संघ छदम राजनीति करता रहा है। स्व. रज्जू भैया ने संघ् का सच उजागर करते हुए कहा था कि जो भी व्यक्ति यह कहता है कि संघ राजनीति नहीं रकताा है व सफेद झूठ बोलता ैं।
मोहन भागवत ने 25 मार्च 2014 को कहा कि परिवर्तन जरूरी है सभ्ी को स्वीकार करना ही होगा। ये बाते उन्हेंने अपने स्वामी संघ व भाजपा के भगवन मोदी को घोषित किय, उसी व्यक्ति में देश, समाज, सुसंस्कार, आध्यात्म सुचरित्र विकास और परिवर्तन नजर आया। संघ के बडे पदाधिकारी सभी सुविधाओं का भोग कर रहे है आम स्वंय सेवक अभावों का जीवन जी रहा हैं संघ को उनकी जमातों की सरकारों से जमीन और धन प्राप्त होता है, संघ व्यवसायिक गतिविधियोॅं चलाता है। विदेशों से भी संघ को धन मिलता है। भाजपा व संघ के भगवान मोदी ने अंबानी अदनानी व कारपोरेट जगत की भीख का हिस्सा संघ में भी दिया ही होगा। यह बात भागवत बता सकते है। संघ में धनकुबेरों को महत्व व अन्यों की उपेक्षा की जाती हैं।
देश में सत्तासुन्दरी अपहरण के षडयंत्र 3 वर्ष पूर्व रचे। यह षडयंत्र उज्जैन में उजागर हुआ था। अब तो सत्ता सुन्दरी को संघ व भाजपा के भगवान मोदी की बाहों मं ही मान रहा है। मोदी की कू्ररता ंिहंसा, षडयंत्री व धनखोर चरित्र सनातन धर्म, आद्यदेव शिव के अपमान को भी संघ अपने भगवान मोदी की लीला मान रह है। काशी व मथुर को निशाना बना कर देश को जलना मोदी व संघ का सपना है।
संघ सक्रिय राजनीति कर रहा सिद्ध हो गया है। संघ के प्रति अविश्वास बढ रहा ै। संघ और मोदी नीति नयित एक समान है। देश के घिनौने षडयंत्र व स्वप्न कभी साकार नहीं होने दगी।


