Published On:Friday, March 14, 2014
Posted by NJFI media
संघ को भी निपटाया षडयंत्री मोदी ने मोहन भागवत भड़के ,दर्द उजागर किया
उज्जैन। दो वर्ष पूर्व सघ का आत्म चिंतन उर्फ स्वार्थ ंिचतन हुआ था। उसी शिविर में भगवत ने मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। पत्रकारों को उपहार बाटे थे। षडयंत्री शातिर महत्वकाक्षी मोदी ने सघ को धन सहोग भी किया था। तभी से मोहन भागवत मोदी मोह में घृतराष्ट बने हुए है। और राजनीति के नर्क का आनंद उठा रहे थे। मोदी ने उद्योगपतियों, कारपोरेटस व अंबानी से सघ व भाजपा के खिलाफ नया केंडर खडा किया, संघ का दोयम दर्जे का माना, भाजपा को भाजपा मोदी प्रा. लि. बनाया सघ् की जडे काटना शुरू कि। मोदी ने स्वंय को राजा और भाजपाईयों, मोहनभागवत सहित सभी संघियों को अपनी घानी का बैल मान और चलते रहने के लिए मजबूतर किया। भाजपा व सघ अंबानी की जेल में नजर आए।
विवकानंदवादी मोहन भागवत महानिंद्रा से जागे तो मोदी दैत्यकार स्वरूप में नजर आया, उन्हें अपनी भूलां का आत्मिक एहसास हुआ। शातिर ढंग से भूल सूधारने की पहल की और कहा कि संघ का काम नमों नमों जपना नहीं और सघ राजनीति नहीं करता। मोहन भागवत की सफेद झूठ से भी उनकी प्रतिष्ठा गिरी। प्रतिक्रियावादी मोदी ने मोहन भागवत के बयान को रद्दी के टोकरे में फेक दिया। नाजीादी का चरित्र ही ऐसा होता है। मोहन भागवत अब पछता रहे है, कुछ भी नहीं कर सकते, मोदी के इशारों व दल्लों के अनुरूप ही उन्हें भागना, भारत नट्टय, डिस्को व आयटम सांग करना ही होगे। चुनाव बाद ही संघ कोई कदम उठायेगा।
एनजेएफआई ने तो लंबे समय पूर्व मोहन भागवत को चेताया था कि मोदी भाजपा व संघ के लिए मानव बम सिद्ध होगा। मोदी मोह में मूक बधिर घृतराष्ट हुए, मोहन भगावत के कारण भाजपा व संघ अंबानी के हाथों की कठपुतली बनी, दोषी मोहन भागवत ही है। देश में अराजकता फैली, हिंसा का ग्राफ बढा। राजग व भाजपा में विघटन हुआ आम आदमी की अर्थव्यस्था समाप्त हुई, पॅंूजीवादी अर्थव्यस्था स्थापित हो रही है। भविष्य में दंगे, कत्लेआम और देश विभाजन की स्थिति भी बनेगी। कटापिटा भारत हिन्दु देश भी शायद ही बन पाए। भविष्य अच्छा नहीं हैं मोहनभागवत आज ही सच्चा उपवास करें। मोदी की कू्ररता व घिनौनेपन तथा भविष्य के परिणामों का सत्य जाने। शायद सच्चे उपवास व सत्य से साक्षात्कार का समय व साम्थर्य मोहन भागवत के पास नहीं है। इसी प्रस्तुति को सत्य से साक्षात्कार मान कर कोई नया कदम उठाये। अब कोकणी ब्राम्हणों के गिरोह की राजनीति देश में नहीं चलेगी। मोदी ने यह बात भी जता दी हैं।


