Published On:Sunday, March 2, 2014
Posted by NJFI media
भारतीय क्रिकेटर निराशा के परिवेश में
उज्जैन। भारतीय क्रिकेटर टीम निरंतर पराजय के कारण, निराशा के परिवेश में है। भारतीय बल्लेबाज भारी दबाब में नजर आ रहे है और अपना स्वाभाविक प्रदर्शन भी नहीं कर पा रहे है। भारती गेंगदाबजों में चतुरता तकनीक का अभाव हैं तेज गंेदबाजी में भारत बहुत पिछडा हुआ है। तेज गंदबाज है किन्तु प्रशिक्षण का अभाव है। फिरकी गेंदबाजी भी लय खोती जा रही है। शार्ट पिच गेंदों को खेलने की तकनीक भी भारतीय बल्लेबाजों के पास नहीं है। व अफ्रिका व न्यूजीलैंण्ड मै स्वय सिद्ध कर चुके हैं।
बल्लेबाजी व गेंदबाजी हेतु अलग अलग कोच की अनिवार्यता है। भारतीय टीम को फिटनेस पर भी ध्यान दने की जरूरत है यदि ऐसा नहीं किया तो 5 या छटे क्रम पर भारत आ जायेगा। न्यूजीलैण्ड टीम से ही सबक सीखने की जरूरत है। लगता है भारतीय क्रिकेट टीम आतंरिक शीतयुद्ध से भी ग्रस्त है। एशिया कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन अभी तक सन्तोष जनक नहीं रहा है भारती टीम जीत हार की मानसिकता से उभरे तथा कलात्मक प्रदर्शन का चरित्र अपनाए। सफलता प्राप्त होगी। कोहली, रहाणे व रोहित शर्मा का प्रदर्शन अच्छा है तीन से नहीं पूरी टीम की एकल्व्यता से ही जीत प्राप्त होगी।


