Published On:Friday, March 7, 2014
Posted by NJFI media
वास्तविक नुकसान कितना, सरकार व प्रशासन बताने में अक्षम है
उज्जैन। वर्षा व आलेावृष्टि में कितना नुकसान हुआ शिवराज म.प्र. सरकार व प्रशासन बताने में अक्षम हैं खेतों में फसले खडी है पटवारी नुकसान कैसे बताये रीवा संभाग में तो हद हो गइ जितने क्षेत्र में बुआई नहीं थी उससे अधिक क्षेत्र में नुकसान बताया हर संभाग में यही स्थिति मामला अतिरोचक मुआवजे प्राप्ति की आड में सौजन्यी मुआवजा अग्रिम भुगतान भी जरूरी हो रहा है। सच तो यह है कि जहाॅं जहाॅं ओलावृष्टि हुई वह भंयकर वर्षा हुई वही अधिक नुकसान हुआ है। 50 से 100 अन्य क्षेत्रा ं में नहीं कुछ खेतों में फसले आडी हुई थी किन्तु वे पुनः चैतन्य हो गई मण्डियों में गहॅंू की भारी आवक हो रही हैं सरकार सांप छछंदर की स्थिति में है। जब फसले खराब हो गई तो 100 लाख मी.टन खरीदी लक्ष्य क्यों? पटवारियों के लिए सुनहरा अवसर बनी प्राकृतिक आफत। शिवराज को सारे पासे उल्टे पड रह। किसान भी प्राकृतिक आफत के नाम से रोचक नाटक नौटंकी कर रहे हैं।


