Published On:Monday, March 24, 2014
Posted by NJFI media
हर दल में बिखरव व असन्तोष की स्थिति कारण स्पष्ट हैं
उज्जैन। कांगे्रस भाजपा व अन्य दलों में आक्रोश व बिखरव की स्थिति। यह स्थिति हमेशा बनी रहेगी। जन प्रतिनिधित्व अब सेा नहीं सत्य हो गया है। सांसद अपने कार्यकाल में करोडों का स्वामी हो जाता है, पेन्शन, मकान व अन्य सुधिाओं का उपयोग करता है। चुनाव में 2 3 करोड व्यय करता है आश्र 25 से 30 करोड कमाता है। विधायक का अब 2 करोड तक व्यय करने लगे है तो करोडों के मालिक बनेगे ही। प्रत्येक जन प्रतिनधि अपने क्षेत्र को जागरी व जर खरीद का क्षेत्र ही मातना है। धनखोरी व टिकिट बेचने का व्यवसाय होता है। सभ्ी दल चंदा खोरी धनखोरी दलाली भूमाफियाओं को सरक्षण देता है। कालेधन कुबेर व उ़द्योगपति भी जन प्रतिनिधि को अपना चरणदास बनाते है। राजनीति अब सेवा, उद्धार, निर्माण की बजाय विशुद्ध व्यापार हो गई है सभी दल अपने आप में कारपोरेट ही हो गए हैं। बहुआयामी मुनाफा उनका लक्ष्य है लोकभवाद द्वारा जनता को मूर्ख बनाते हैचैकीदार बिजली बन कर मलाई व दूध पीते है चहर दल में जो भी चेहर बाध्क बनता है उसे निपटाया जाता है भाजपा में मोदी व राजनाथ ने अडवाणी सुषमा, हरिन पाठक जसवंतसिंह गेेहलोत व अन्यों को निपटाया है। आप पार्टी, सपा, बसप, में यही स्थिति हैं। सभी दल कारपोरेट गेंग है धन विकृति व सत्ता सुन्दरी के भोग चरित्र से विक्षिप्त है जिस देश में भ्रष्टाचार कभी समाप्त नहीं हो सकता हैं।


