Published On:Wednesday, March 19, 2014
Posted by NJFI media
भाजपा के रोड शो में आग ही आग
उज्जैन। जिनका विश्वास आग में ही हो, वे भी आग का शिकार होते ही है। अमृतसर में जेटली का रोड शो था। पटाखे को चिनगारी गैस के गुब्बारों में आग लगी। जेटली भी आग से बचने हेतु घुसे किन्तु हाथ तो जला ही कुल 10 लोग जले। दूसरी तरफ सिद्धू की शाब्दिक आग से भी भाजपा का घाला हो चुका है प्रकृति भी नेताओं व दलों का रंग काला कर रही है। सभी दल अपने झण्डे भी काले ही रखे कोई दसूरा रंग नहीं चढेगा। चुनाव हारे, तो शोक का प्रतीक होगा। जेटली मोदी के दल्ले बने मोदी हवन करने में अपना एक हाथ जला बैठे। अभी तो हाथ जला है भविष्य में पूरा शरीर जलेगा। काशी विश्वनाथ में भस्मा आरती नहीं होती है। भस्मा आरती का शुरू प्रसंग वह का अभिसमय बन जाये तो हर्ज क्या है आग में नेता बच गए जनता दुख जता रही है भस्मीभूत होते तो शोक मनाता।


