Published On:Sunday, March 30, 2014
Posted by NJFI media
सुप्रीम कोर्ट ने भुल्लर की फांसी को उम्रकैद में बदला
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देवेंद्रपाल सिंह भुल्लर की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। इससे पहले केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि भुल्लर की फांसी माफी की याचिका स्वीकार की जा सकती है।
दया याचिका निपटाने में देरी के आधार पर फांसी माफी की मांग करने का हक देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मसले पर बहस की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती। केंद्र सरकार की इस दलील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आगे की बहस सुने बगैर भुल्लर की फांसी माफी की मांग याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
भुल्लर को पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष एमएस बिट्टा की कार पर बम विस्फोट करने की साजिश रचने पर मौत की सजा सुनाई गई थी। इस हमले में नौ लोग मारे गए थे, जबकि बिट्टा सहित कई अन्य घायल हुए थे। सुप्रीम कोर्ट आजकल भुल्लर की पत्नी की ओर से दाखिल क्यूरेटिव याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट अपने गत 21 जनवरी के फैसले के आधार पर भुल्लर की याचिका पर विचार कर रहा है। उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आतंकी गतिविधियों और टाडा जैसे कानून में दोषी अपराधियों को भी दया याचिका के निपटारे में देरी के आधार पर फांसी की सजा उम्रकैद में बदलने की मांग करने का अधिकार है।
दया याचिका निपटाने में देरी के आधार पर फांसी माफी की मांग करने का हक देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मसले पर बहस की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती। केंद्र सरकार की इस दलील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आगे की बहस सुने बगैर भुल्लर की फांसी माफी की मांग याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।


