Published On:Thursday, March 27, 2014
Posted by NJFI media
राजनीति के नर्क में डूब कर संघ ने आत्महत्या की
उज्जैन। इन दिनों सघ की बहुत किरकिरी हो रही है अनेेक विचित्र राज व सत्य सामने आ रहे हैं इस स्थिति का दोषी मोहन भागवत है मोदी मोह मे घृतराष्ट हुए और सक्रिय राजनीति में संघ को उतारा मोदी को मुखौटा बनाया। नाजीवादी आतंकी कुचक्र चलाया भाजपा व सभी दलों के वरिष्ठों को बुराई का पुतल बताया। अपने दोष व बुराईयों देखने का संघ के पास समय ही नहीं बचा।
संघ अविश्वास की आग में जल रहा है, उसका चेहरा ही विकृत हो गया है संघकी असली सूरत नहीं हुई। मुंह पर राजनीति का मुखौटा लगाना पडा अडवाणी से खतरा तथा उन्हें प्रताडित किया मीडिया से रूबरू होने तक पर प्रतिबंध लगाया। देश का कोई भी व्यक्ति मोदी या संघ् का जद खरीद गुलाम नहीं है। अब भाजपाई संघ के निवस्त्र खडा कर रहे है जो सत्ता सुन्दरी के अपहरण का षडयंत्र रच रहा था उसके वस्त्रों का अपहरण हो गया है।


