Published On:Tuesday, March 25, 2014
Posted by NJFI media
मोदी राजनाथ में भी शीत युद्ध
उज्जैन। नाजीवादी मोदी की राजनाथ की नियत पर शंका हुई। उन्हे भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष पद से हटाने के षडयंत्र मोदी व संघ ने शुरू किए तथा अमितशाह को कार्याहक अध्यक्ष बनाने की मुहीम चलाई। राजनाथ मोदी के अनुबंधित बंधुवा मजदूर थे, किन्तु प्रधानमंत्री पद की दावेदारी जताने से मोदी ने राजनाथ को निपटना चाहा। 24 मार्च की 12 से 1.30 तक की पास्टर घटना साक्षात प्रमाण है। मादी का सर्वत्र विरोध है, राजग घटक भी मोदी क सर्वत्र विरोध है, राजग घटक भी मोदी के पक्ष में नहीं है। राजनाथ ने अपना नाम चलाया नाजीवादी मोदी भक्षक उठे व राजनथ को ठिकाने लगने का षडयंत्र रचा।
राजनाथ मोदी को आसानी से मात दे सकते है गुजरात, दंगे, एसआयटी मामला, अंबानी अदनानी के धन क सत्य व तथ्य सार्वजनिक कर, मोदी मदांध मोदी को राजनैतिक बिना सकते है भाजपा मोदी प्रा. लि. को नकली भाजपा कह कर उन्हें बाहर का रास्ता दिख सकते है मोदी के षडयंत्रों में संघ की भागीदारी भी है। संघ के रहस्य भी राजनाथ सार्वजनिक कर चर्चित चेहरा बन सकते है। लखनउ में उनकी हार तय है अब तो प्रतिष्ठा बचाने क प्रश्न है जेटली तो अपने हाथ मोदी आग में सेक चुके है और जला भी चुके हैं।
राजनाथ् को यदि पतन से बचन है तो मोदी व मोदी गेंग का सफाया जरूरी है मोदी को भाजपा से बाहर करने का ऐलान कर दे हर समस्या का समाधान स्वतः हो जायेगा। मोदी राजनाथ


