Published On:Wednesday, April 9, 2014
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विवादों में घिरे आजम खान को कारगिल टिप्पणी पर पहली नजर में आयोग ने पाया उल्लंघन
जानो दुनिया ब्यूरो, 09 अप्रैल 2014, 8:10 pm
Azam Khan has violated code of conduct: EC feels prima facie
विवादों में घिरे आजम खान को कारगिल टिप्पणी पर पहली नजर में आयोग ने पाया उल्लंघन
आजम खान कारगिल जंग पर अपनी टिप्पणियों पर विवादों से घिर गए और प्रमुख राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं.
Azam Khan were clouded by controversy over his remarks on the Kargil war and major political parties are condemned.
नई दिल्ली/गाजियाबाद, एजेंसी। समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान कारगिल जंग पर अपनी टिप्पणियों पर विवादों से घिर गए और प्रमुख राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं तथा चुनाव आयोग से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि चुनाव आयोग उनके बयानों के वीडियो का अध्ययन करने के बाद कहा कि पहली नजर में आजम खान ने आदर्श आचार संहित का उल्लंघन किया है. इसी के आयोग ने आजम खान को नोटिस जारी कर दिया है.
इससे पूर्व चुनाव आयोग ने खान की टिप्पणियों का ब्योरा मांगा था और उसके अधिकारियों ने कहा है कि अगर वह आदर्श आचार संहिता के दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ ‘कड़ी कार्रवाई’ की जाएगी.
दरअसल पाकिस्तान के खिलाफ 1999 की करगिल जंग में भारत की जीत सुनिश्चित कराने का श्रेय ‘मुस्लिम सैनिकों’ को देने वाले खान अपनी टिप्पणी पर डटे रहे और सवाल किया कि मुसलमानों के योगदान की चर्चा करने पर क्यों ‘दूसरे लोग आहत महसूस कर रहे हैं.’
दूसरी ओर जहां बीजेपी, कांग्रेस और जद (यू) ने इस बयान पर खान की निंदा की कि ये ‘मुस्लिम सैनिक’ थे जिन्होंने 1999 की कारगिल जंग में भारत की जीत के लिए लड़ाई लड़ी थी, उनकी समाजवादी पार्टी ने सतर्क टिप्पणी की कि यह उपेक्षित आकांक्षाओं-अपेक्षाओं का उद्गार हो सकता है.
चुनाव आयोग अधिकारियों ने कहा कि वे कल के खान के भाषण के वीडियो का अध्ययन कर रहे हैं.
इसी बीच, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने कहा, ‘हम करगिल जंग और अन्य मुद्दों पर आजम खान के 30 मिनट के वीडियो भाषण का अध्ययन कर रहे हैं. हमने जांच शुरू की है और अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’
बीजेपी ने खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी ‘सैनिकों की बहादुरी का अपमान है’ और ‘चुनाव के दौरान आजम खान की सांप्रदायिक टिप्पणी सांप्रदायिकता की सियासत दिखाती है.’ बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘यह राष्ट्रीय सुरक्षा के संप्रदायीकरण का प्रयास है’ क्योंकि सपा नेता ने ‘ना सिर्फ सेना की छवि बिगाड़ी है बल्कि सैनिकों की कुर्बानियों को भी गिराया है.’
त्रिवेदी के सहयोगी वरिष्ठ बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह ‘बहुत खेद’ का मामला है कि ‘सांप्रदायिकता की बलिवेदी पर धर्मनिरपेक्षता कुर्बान की जा रही है.’ नकवी ने आरोप लगाया कि यह ना सिर्फ देश को बल्कि राष्ट्र की सच्ची धर्मनिरपेक्ष भावना को नुकसान पहुंचा रहा है.
खान ने अपनी टिप्पणियों को उचित ठहराते हुए कहा, ‘मैं यह कहना चाहता था कि देश के लिए मुसलमानों का क्या योगदान है. क्यों दूसरे लोग आहत महसूस कर रहे हैं?’ सपा नेता ने कहा, ‘हम अपनी जान सरहद पर कुर्बान करते हैं, हम पाकिस्तानी सेना से अपने पर्वत फिर से छीनते हैं, तो क्यों दूसरे आहत महसूस करते हैं?’
उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस ने हमेशा कहा कि आजादी में या सरहद पर मुसलमानों की कोई भूमिका नहीं है. इसलिए, मैंने कहा कि करगिल जंग में मुसलमानों की क्या भूमिका है. इसमें गलत क्या है, मेरे बयान का स्वागत किया जाना चाहिए.’
बीजेपी ने चुनाव आयोग से मिसाली कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, ‘तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर अब उस हद तक पहुंच गई है जहां इसने भारत के राष्ट्रवाद को चुनौती दी है.’ त्रिवेदी ने कहा कि खान की टिप्पणी का चुनाव संचालित कराने वाले सुरक्षा बलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और चुनाव आयोग को मिसाली कार्रवाई करनी चाहिए.
बीजेपी ने ‘जहरीली और असभ्य’ भाषा का उपयोग करने वाला ‘विद्वान’ करार देते हुए त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और बसपा ‘मुस्लिम वोट बैंक’ के लिए एक दूसरे से होड़ कर रहे हैं और इस टिप्पणी पर उनकी चुप्पी उनकी विभाजनकारी राजनीति दिखाती है.
गौरतलब है कि सपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान ने एक विवादास्पद बयान में कहा है कि 1999 में हुए करगिल युद्ध में ‘मुस्लिम सैनिकों’ ने पाकिस्तान से लोहा लेते हुए भारत को विजय दिलाई.
बीजेपी ने आयोग से कहा कि ऐसी बातों को ‘बहुत गंभीरता’ से लेते हुए वह सपा के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई करे.
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जानो दुनिया ब्यूरो, 09 अप्रैल 2014, 8:10 pm
Azam Khan has violated code of conduct: EC feels prima facie
विवादों में घिरे आजम खान को कारगिल टिप्पणी पर पहली नजर में आयोग ने पाया उल्लंघन
आजम खान कारगिल जंग पर अपनी टिप्पणियों पर विवादों से घिर गए और प्रमुख राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं.
Azam Khan were clouded by controversy over his remarks on the Kargil war and major political parties are condemned.
विवादों में घिरे आजम खान को कारगिल टिप्पणी पर पहली नजर में आयोग ने पाया उल्लंघन
आजम खान कारगिल जंग पर अपनी टिप्पणियों पर विवादों से घिर गए और प्रमुख राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं.
Azam Khan were clouded by controversy over his remarks on the Kargil war and major political parties are condemned.
नई दिल्ली/गाजियाबाद, एजेंसी। समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान कारगिल जंग पर अपनी टिप्पणियों पर विवादों से घिर गए और प्रमुख राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं तथा चुनाव आयोग से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि चुनाव आयोग उनके बयानों के वीडियो का अध्ययन करने के बाद कहा कि पहली नजर में आजम खान ने आदर्श आचार संहित का उल्लंघन किया है. इसी के आयोग ने आजम खान को नोटिस जारी कर दिया है.
इससे पूर्व चुनाव आयोग ने खान की टिप्पणियों का ब्योरा मांगा था और उसके अधिकारियों ने कहा है कि अगर वह आदर्श आचार संहिता के दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ ‘कड़ी कार्रवाई’ की जाएगी.
दरअसल पाकिस्तान के खिलाफ 1999 की करगिल जंग में भारत की जीत सुनिश्चित कराने का श्रेय ‘मुस्लिम सैनिकों’ को देने वाले खान अपनी टिप्पणी पर डटे रहे और सवाल किया कि मुसलमानों के योगदान की चर्चा करने पर क्यों ‘दूसरे लोग आहत महसूस कर रहे हैं.’
दूसरी ओर जहां बीजेपी, कांग्रेस और जद (यू) ने इस बयान पर खान की निंदा की कि ये ‘मुस्लिम सैनिक’ थे जिन्होंने 1999 की कारगिल जंग में भारत की जीत के लिए लड़ाई लड़ी थी, उनकी समाजवादी पार्टी ने सतर्क टिप्पणी की कि यह उपेक्षित आकांक्षाओं-अपेक्षाओं का उद्गार हो सकता है.
चुनाव आयोग अधिकारियों ने कहा कि वे कल के खान के भाषण के वीडियो का अध्ययन कर रहे हैं.
इसी बीच, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने कहा, ‘हम करगिल जंग और अन्य मुद्दों पर आजम खान के 30 मिनट के वीडियो भाषण का अध्ययन कर रहे हैं. हमने जांच शुरू की है और अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’
बीजेपी ने खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी ‘सैनिकों की बहादुरी का अपमान है’ और ‘चुनाव के दौरान आजम खान की सांप्रदायिक टिप्पणी सांप्रदायिकता की सियासत दिखाती है.’ बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘यह राष्ट्रीय सुरक्षा के संप्रदायीकरण का प्रयास है’ क्योंकि सपा नेता ने ‘ना सिर्फ सेना की छवि बिगाड़ी है बल्कि सैनिकों की कुर्बानियों को भी गिराया है.’
त्रिवेदी के सहयोगी वरिष्ठ बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह ‘बहुत खेद’ का मामला है कि ‘सांप्रदायिकता की बलिवेदी पर धर्मनिरपेक्षता कुर्बान की जा रही है.’ नकवी ने आरोप लगाया कि यह ना सिर्फ देश को बल्कि राष्ट्र की सच्ची धर्मनिरपेक्ष भावना को नुकसान पहुंचा रहा है.
खान ने अपनी टिप्पणियों को उचित ठहराते हुए कहा, ‘मैं यह कहना चाहता था कि देश के लिए मुसलमानों का क्या योगदान है. क्यों दूसरे लोग आहत महसूस कर रहे हैं?’ सपा नेता ने कहा, ‘हम अपनी जान सरहद पर कुर्बान करते हैं, हम पाकिस्तानी सेना से अपने पर्वत फिर से छीनते हैं, तो क्यों दूसरे आहत महसूस करते हैं?’
उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस ने हमेशा कहा कि आजादी में या सरहद पर मुसलमानों की कोई भूमिका नहीं है. इसलिए, मैंने कहा कि करगिल जंग में मुसलमानों की क्या भूमिका है. इसमें गलत क्या है, मेरे बयान का स्वागत किया जाना चाहिए.’
बीजेपी ने चुनाव आयोग से मिसाली कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, ‘तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर अब उस हद तक पहुंच गई है जहां इसने भारत के राष्ट्रवाद को चुनौती दी है.’ त्रिवेदी ने कहा कि खान की टिप्पणी का चुनाव संचालित कराने वाले सुरक्षा बलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और चुनाव आयोग को मिसाली कार्रवाई करनी चाहिए.
बीजेपी ने ‘जहरीली और असभ्य’ भाषा का उपयोग करने वाला ‘विद्वान’ करार देते हुए त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और बसपा ‘मुस्लिम वोट बैंक’ के लिए एक दूसरे से होड़ कर रहे हैं और इस टिप्पणी पर उनकी चुप्पी उनकी विभाजनकारी राजनीति दिखाती है.
गौरतलब है कि सपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान ने एक विवादास्पद बयान में कहा है कि 1999 में हुए करगिल युद्ध में ‘मुस्लिम सैनिकों’ ने पाकिस्तान से लोहा लेते हुए भारत को विजय दिलाई.
बीजेपी ने आयोग से कहा कि ऐसी बातों को ‘बहुत गंभीरता’ से लेते हुए वह सपा के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई करे.
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जानो दुनिया ब्यूरो, 09 अप्रैल 2014, 8:10 pm
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विवादों में घिरे आजम खान को कारगिल टिप्पणी पर पहली नजर में आयोग ने पाया उल्लंघन
आजम खान कारगिल जंग पर अपनी टिप्पणियों पर विवादों से घिर गए और प्रमुख राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं.
Azam Khan were clouded by controversy over his remarks on the Kargil war and major political parties are condemned.
विवादों में घिरे आजम खान को कारगिल टिप्पणी पर पहली नजर में आयोग ने पाया उल्लंघन
आजम खान कारगिल जंग पर अपनी टिप्पणियों पर विवादों से घिर गए और प्रमुख राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं.
Azam Khan were clouded by controversy over his remarks on the Kargil war and major political parties are condemned.
नई दिल्ली/गाजियाबाद, एजेंसी। समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान कारगिल जंग पर अपनी टिप्पणियों पर विवादों से घिर गए और प्रमुख राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं तथा चुनाव आयोग से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि चुनाव आयोग उनके बयानों के वीडियो का अध्ययन करने के बाद कहा कि पहली नजर में आजम खान ने आदर्श आचार संहित का उल्लंघन किया है. इसी के आयोग ने आजम खान को नोटिस जारी कर दिया है.
इससे पूर्व चुनाव आयोग ने खान की टिप्पणियों का ब्योरा मांगा था और उसके अधिकारियों ने कहा है कि अगर वह आदर्श आचार संहिता के दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ ‘कड़ी कार्रवाई’ की जाएगी.
दरअसल पाकिस्तान के खिलाफ 1999 की करगिल जंग में भारत की जीत सुनिश्चित कराने का श्रेय ‘मुस्लिम सैनिकों’ को देने वाले खान अपनी टिप्पणी पर डटे रहे और सवाल किया कि मुसलमानों के योगदान की चर्चा करने पर क्यों ‘दूसरे लोग आहत महसूस कर रहे हैं.’
दूसरी ओर जहां बीजेपी, कांग्रेस और जद (यू) ने इस बयान पर खान की निंदा की कि ये ‘मुस्लिम सैनिक’ थे जिन्होंने 1999 की कारगिल जंग में भारत की जीत के लिए लड़ाई लड़ी थी, उनकी समाजवादी पार्टी ने सतर्क टिप्पणी की कि यह उपेक्षित आकांक्षाओं-अपेक्षाओं का उद्गार हो सकता है.
चुनाव आयोग अधिकारियों ने कहा कि वे कल के खान के भाषण के वीडियो का अध्ययन कर रहे हैं.
इसी बीच, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने कहा, ‘हम करगिल जंग और अन्य मुद्दों पर आजम खान के 30 मिनट के वीडियो भाषण का अध्ययन कर रहे हैं. हमने जांच शुरू की है और अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’
बीजेपी ने खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी ‘सैनिकों की बहादुरी का अपमान है’ और ‘चुनाव के दौरान आजम खान की सांप्रदायिक टिप्पणी सांप्रदायिकता की सियासत दिखाती है.’ बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘यह राष्ट्रीय सुरक्षा के संप्रदायीकरण का प्रयास है’ क्योंकि सपा नेता ने ‘ना सिर्फ सेना की छवि बिगाड़ी है बल्कि सैनिकों की कुर्बानियों को भी गिराया है.’
त्रिवेदी के सहयोगी वरिष्ठ बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह ‘बहुत खेद’ का मामला है कि ‘सांप्रदायिकता की बलिवेदी पर धर्मनिरपेक्षता कुर्बान की जा रही है.’ नकवी ने आरोप लगाया कि यह ना सिर्फ देश को बल्कि राष्ट्र की सच्ची धर्मनिरपेक्ष भावना को नुकसान पहुंचा रहा है.
खान ने अपनी टिप्पणियों को उचित ठहराते हुए कहा, ‘मैं यह कहना चाहता था कि देश के लिए मुसलमानों का क्या योगदान है. क्यों दूसरे लोग आहत महसूस कर रहे हैं?’ सपा नेता ने कहा, ‘हम अपनी जान सरहद पर कुर्बान करते हैं, हम पाकिस्तानी सेना से अपने पर्वत फिर से छीनते हैं, तो क्यों दूसरे आहत महसूस करते हैं?’
उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस ने हमेशा कहा कि आजादी में या सरहद पर मुसलमानों की कोई भूमिका नहीं है. इसलिए, मैंने कहा कि करगिल जंग में मुसलमानों की क्या भूमिका है. इसमें गलत क्या है, मेरे बयान का स्वागत किया जाना चाहिए.’
बीजेपी ने चुनाव आयोग से मिसाली कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, ‘तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर अब उस हद तक पहुंच गई है जहां इसने भारत के राष्ट्रवाद को चुनौती दी है.’ त्रिवेदी ने कहा कि खान की टिप्पणी का चुनाव संचालित कराने वाले सुरक्षा बलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और चुनाव आयोग को मिसाली कार्रवाई करनी चाहिए.
बीजेपी ने ‘जहरीली और असभ्य’ भाषा का उपयोग करने वाला ‘विद्वान’ करार देते हुए त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और बसपा ‘मुस्लिम वोट बैंक’ के लिए एक दूसरे से होड़ कर रहे हैं और इस टिप्पणी पर उनकी चुप्पी उनकी विभाजनकारी राजनीति दिखाती है.
गौरतलब है कि सपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान ने एक विवादास्पद बयान में कहा है कि 1999 में हुए करगिल युद्ध में ‘मुस्लिम सैनिकों’ ने पाकिस्तान से लोहा लेते हुए भारत को विजय दिलाई.
बीजेपी ने आयोग से कहा कि ऐसी बातों को ‘बहुत गंभीरता’ से लेते हुए वह सपा के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई करे.
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