Published On:Tuesday, April 22, 2014
Posted by NJFI media
मोदी राजनेेता की बजय राजनैतिक संत बने जनसुझाव
उज्जैन। गपोडी झूठेला अंकारी पूर्वाग्रीहिंसा प्रिय व षडयंत्री शाब्दिक मोदी को जनसुझाव की वे राजनेता की बजाय राजनैतिक संत बने। मोदी के खाते में नाजीवादी चरित्र रखते है वे जनसुझाव भी शायद ही माने आज भी मोदीने स्वीकार की सुशासन व सुराज ी भाजपा का लक्ष्य हैं। यदि उपरोक्त स्वीकृति मगरमच्छी आॅंसू नहोकर आत्मिक है तो मोदी राजनेता पद अभी और इसी वक्त से छोड दे।
वाल्मिकी जैसा डकैत संत हो सकता ै तो मोदी क्यों नहीं। यदि देश् की सच्ची रामायण लिखना है तो मोदी को राजनेता की बजाय राजनैतिक संत बनना अनिवार्य हैं। इसका साक्षात प्रमाण अटलजी हैं। मोदी ने अपने बंधुवाओं द्वारा पपों की क्षमा हेतु प्रचार भी करवाया वह असफल रहा।
जनसुझाव है कि मोदी राजनेता बनने का स्वप्न देखना व परिकल्पना ही बंद कर दे। अपने सभी पापों व अपराधों हेतु देश से क्षमा याचना करे सच्चे हिन्दुत्ववसनातन धर्म का जीवन की विधा व कला बनाये हिन्दु व हिन्दुत्व धर्म नहीं है वह पूर्णतामयी जीवन की विधा हैं।
एजनेएुटाई नेमोदीके सामने जनगीताप्रस्तुत कि किन्तु अहंकारी मोदी काविवेक गीत पडने हेतु जागृत ही नहीं हुआ। अभी समयहै मोदी पूर्वाग्रही गपोडी वझूठेले राजनेता की बजाय सच्चा राजनैतिक संत बने। इसी वक्त से हदृय परिवर्तन अनिवार्य है ये जीवन बार बार नहींमिलेगा। स्वउद्धार मंत्रको अंगीकार कर अपना जीवनसफल बनाओ मोदी भैया अब तो मान जाओ।


