Published On:Friday, April 18, 2014
Posted by NJFI media
शाब्दिक लफाज, गपोडी झूठेले, षडयंत्री महापापी मोदी से एनजेएफाअई के जलते प्रश्न
उज्जैन।नाजीवादी मोदी एनजेएआई के 25 प्रश्नों में से एक का भीउत्तर नहीं दे पाये सर्व अपमानक नाजीवादी दैत्य ैं तो मोदी प्रतिकियाादी है किन्तु जनता के 25 प्रश्नों का उत्तर देने मे मोदी की हवा निकल गई। सर्व अपमानक मोदी दैत्य है यू तो मोदी प्रतिक्रियावादी है किन्तु जनत
सर्व प्रथम आप अपने पाप कब आत्मिक रूप से स्वीकारेगे सभी को पापी व बनावटी बता रहे ो आपक्या हो।
2. चुनाव में अभी तक स्वंय को स्थापित करने हेतु कितने करोड व्यय किए वह कालाधन या सफेद स्वंय अपना पाप स्वीकारे।
3 व्यापारियों ने गडकरी के माध्यम से बेश किमती हार गडकरी के मार्फत भेंट किया था वह हार कहाॅं हैं।
4. ब्राम्हण गांव से साबर मति तक गरीबों, मजदूरों दलितों व आदिवासियों की 60 हजार झोपडिया थी उन्ें हटा कर पॅंूजीपतियों के वाहन पार्किग स्थल क्यों बनाये।
5. पुलिस के संरक्षण में करोडों की अवैध शराब क्यों बिकती ैं।
6. दामादवाद को आपने प्रश्रय दिया या नहीं अंबानी के दामाद सौरभ पटेल को महत्व क्यों दिया।
7. 10 अरब का हवाला करने वाले फर्जी कारोबारियों में आपके साथ कितने है उन्होंने कितना धन भजपा फंड में दिया।
8. बिकाउ मीडिया को मीडिय मैनेजमेंट के नाम से कितने में खरीदा सभी के नाम व राशि का खुलासा करें।
स्वंय के जयकारे लगवाने हेतु हजारों बंधुवा मजदूर रैलियों में भेजे।
200 से अधिक लोों को जासूसी में लगाया उनक मोटा भुगतान किया।
गरीबों दलितों आदिवासियों को एक इन्द भूमि नहीं व चहेते उद्योगपतियों को सस्ते व मूल्य पर किमती जमीने दी या नीं।
गुजरात दंगों में आपकी सरकार के मंत्री जेल में क्यो य सरकार की लिप्त्ता प्रमाणित नीं कर रही।
60 वर्षो में कांगे्रस पर देश को तबा करने का आरोप लगतो हो भाजपा शासित राज्यों में तबाही क्यों मजाते हों।
भ्रष्टाचार कालाधन, महंगाई, समाप्ति का मुख्य कार्य अमीरी की सीमा रेखा तय करना है उपरोक्त बिन्दु पर मौन क्यों हो।
सच्चा हिन्दुत्व क्या है तुरंत ही स्पष्ट करो।
उ.प्र. व बिहार में साम्प्रदायिकता का जहर फैलाना कौनसी देश व समाज भक्ति हैं।
अटलजी क कुटिल अपमान किया मुस्कराहट बिखेरी व अब उन्ही अटल के भुनाने की नाटक नौटंकी क्यों कर रहे हो।
ये 21 जलते सवाल जनगीता का दुसरा भाग है गपोडी अहंकारी षडयंत्री मोदी इनका भी उत्तर देने में वैचारिक सैद्धिक वाक्त्व्यों तथा प्रायोजित साक्षात्कार में भी देने ये सक्षम नी।


