Published On:Thursday, April 24, 2014
Posted by NJFI media
राहुल ने स्वीकारा सरकार विरोधी लहर चल रही है
उज्जैन। राहुल गांधी ने स्वीकारा की देश में सरकार विरोधी लहर चल रही हैं, केन्द्र सरकार ने अच्छे काम किए प्रदेश सरकारों को अच्छी मदद दी, किन्तु सप्रंग सरकार अपने अच्छे कार्यो की बेहतर मार्केटिंग नहीं कर पाई। मनरेगा व अन्य मदों से 1.4 करोड लोगों को रोजगार दिया। राज्यों में मनरेगा में घोटाले हुए। प्रदेश् सरकार केन्द्र पर उपेक्ष का गलत आरोप लगा रही हैं। संप्रग सरकार महंगाई व कालेधन को समाप्त नहीं कर पाई। कालेधन को समाप्त नहीं कर पाइ। कालेधन कुबेरों, उद्योगपतियों, कारपोरेट व पॅंूजीपतियों ने हजारों करोड का चंदा मोदी को लेकर, विगत दो वर्षो से सरकार विरोधी अभियान चलाया। एक भी कांगे्रसी नेउसकी पोल नहीं खोली। दोषी कांगे्रसियों का हीहैं।
सघन अभियान के बाद भी कांगे्रस 100 से 120 स्थानों पर विजयी होगी। सप्रंग के घटक व सहयोगी तथा जनता परिवार को भी 180 से 200 स्थान प्राप्त होगे। ऐसे हालातों में कांगे्रस को पंथ निरपेक्ष प्रधानमंत्री बनाने की पहल करना होगी, ममता, जयललिता, नीतिश, मुलायम को प्रधानमंत्री बनाने की पहल करना होगा कांगे्रस का चेहर उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री जैसे पदों पर आसीन होगा। राहुल को नई नीति अपनाना होगा। वामपंथियों की सलाह को भी महत्व देना होगा। यदि प्रणव दा को राष्टपति न बनाते तो कांगे्रस के नेतृत्व में पुनः सप्रंगकी सरकार बनती। अभी भी समय है देश में विघटन सभी सक्रिय कांगे्रस के एकीकरण की पहल करें। राहुल को 5 वर्ष तक राजनीति का अनुभव लेना जरूरी है एक नीं अनेक राष्टीय स्तर के नेताओं को भी मैदान में स्थापित करना हैं।

