Published On:Tuesday, April 22, 2014
Posted by NJFI media
राजनैतिक अपराधीकरण रोकेगे
उज्जैन। जो स्वंय अपराधी है वह राजनीति के अपराधिकारण को रोकेगे। मोदी ने राजनीति के अपराधी चरित्र को समाप्त करने का नया दाव खेला। राजनीति में श्ुाुचिता अनिवार्य है तब ही प्रजातंत्र जीवित रहेगा, सुराज व सुशासन आयेगा। मोदी को घोषणा स्वागत येोग्यहैं। यह पावन, पुनित कार्य मोदी स्वंय से करे वे अपने दंगे फर्जी एनकउन्टर अटलजी के कुटिल अपमान, सजंयजोशी के खिलाफ जो अपराध किया हैउन्हे स्वीकारे पॅंूजीपतियों कालेधन कुबेरों कारपोरेट वउद्योग पतियों से कितना धन लिया हैं व कहा खर्च किय है किसको कितना धन दिया है प्राप्त चंद का आयकर चुकाया है या नहीं, अमेरिकनभारतीयों ने कितना धन संघ व भाजपा के नाम से उगाया, क्या विदेशी धनक उपयोग राजनीति मे करना उचित हैं। गुजरात के कितने मंत्री भ्रष्टाचार व दंगों के मददगार रहे है सभी का ख्ुालासा करें। पोरबंदर सांसद भाजपा मोडवादिया ने 350 करोड के घपले का आरोप भाजपाईयों पर लगाया है उसका जबाब दे। अमितशाह व स्वंय को कलीनचिट क्ैसे मिली। इसका खुलासा करे मोदी ने कितना झूठ बोला हैइसको भी स्वीकारें। दिग्गी राजा के पस मोदी के 600 झूठ की सूची है वह उनसे प्राप्त कर झूठ को स्वीकारे भाजपा में कितने वागी व अपराधी सांसद थे और वर्तमान में प्रत्याशीहै इसका भी खुलासा करें। भाजपा के 7 सांसद अपराधी चेहरे थे 15 वी लोकसभा में उनमें से अधिकांश चुनाव लड रह ेहै 16 कांगेसी नेताओं को भाजपाई बनाकर उन्हें प्रत्याशी बनाना कौनसी स्वस्थ राजनीति हैं।
अपराध और अपराधी भारतीय राजनीति का स्वरूप है हर दल व नेता अपने आप में अपराधी चेहरा है पुण्य क काम स्वंय के घर से करना जरूरी हैं। अतः मोदी अपने सभी पाप स्वीकारे व बाद में कांगे्रस,सप्रंग आदि की बाते करें।


