Published On:Saturday, April 5, 2014
Posted by NJFI media
पासवाल पछता रहे है
उज्जैन। कल तक जो पासवान भाजपा व मोदी को साम्प्रदायिक व पॅंूजीपतियो का दल्ला कह रहे थे पुत्र को सेतु बना कर उपरोक्त खेमे के अंग बने पासवान सत्तो स्वादु ही है कभी सप्रंग, कभी राजग में उनको चरित्र रहा हैं लाू यादव का पराभव मान कर पॅूजीपति दलि नेता पासवान मोदी के खेमे में शरीक हुए, किन्तु राजद की लोकप्रियता व बढत देखकर अब पछता रहे ह मोदी ने पासवान को खरीद या पासवान ने स्वयं को मोदी केयहा गिरवी रखा इसबात का उत्तर बिहार की जनता पासवान से मांग रही है। पासवान भी मोटे माल के मालिक है उन्हें दलितों व गरीबों से सरोबार है यदि चुनाव हार गए तो क्या होगा पासवान ही पताये।


